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‘आत्महत्या तो आज ही कर लेता…लेकिन एक बार जीभर पत्नी, बच्चे व मां-बाप को देखना था’

सिरसी के रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट की 14वीं मंजिल की छत से शुक्रवार सुबह कारपेंटर ठेकेदार भारत कुमार सैनी (42) ने कूदकर जान दे दी।
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जयपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 19 Apr 2025, 12:49 PM IST

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जयपुर। सिरसी के रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट की 14वीं मंजिल की छत से शुक्रवार सुबह कारपेंटर ठेकेदार भारत कुमार सैनी (42) ने कूदकर जान दे दी। गोविंदपुरा स्थित बालाजी विहार निवासी भारत ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसे पढ़कर हर किसी का दिल पसीज गया। गुरुवार को सुसाइड नोट में भारत ने लिखा… बकाया रुपए नहीं मिले तो तुरंत ही आत्महत्या करने की इच्छा हुई लेकिन एक बार जीभर बीवी-बच्चों और मां-बाप को देखना चाहता था। शुक्रवार सुबह भारत पुन: आरएएस अधिकारी मुक्ता राव के फ्लैट पर पहुंचा और 14वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।

भारत की पत्नी बेसुध

पिता भानुप्रताप ने बताया कि घटना के बाद से भारत की पत्नी बेसुध है। वह तीन बार चौथी मंजिल से कूदने का भागी, लेकिन किसी तरह पकड़ा है। बताया कि पैसे नहीं मिले तो पता नहीं परिवार का क्या होगा।

एफआइआर में नामजद नहीं

भानुप्रताप ने बताया कि मुक्ता राव के फ्लैट पर पहुंचे भारत को जब मुक्ता ने पैसे न देकर भगा दिया तो वो बहुत परेशान था। बेटे ने पूरी आपबीती मुझे फोन पर बताई और बार बार छत से कूदकर जान देने को कह रहा था। मैंने उसे ऐसा कदम नहीं उठाने को कहा लेकिन वह कूद गया। एफआइआर में पिता ने किसी को नामजद नहीं करवाया है। सुसाइड नोट रिपोर्ट के साथ ही संलग्र किया है। वहीं, एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजन ने शव लेने से इनकार कर दिया। एसीपी हेमेन्द्र शर्मा, थानाधिकारी विनोद कुमार देर रात तक परिजन व उनके रिश्तेदारों को शव लेने के लिए समझाते रहे।

शर्तों के अनुसार समय-समय पर किया भुगतान


इस मामले पर आरएएस अधिकारी मुक्ता राव ने कहा कि हमारे मकान के सुधार कार्य के लिए 3-10-24 को इकरारनामा लिखा गया, जिसमें 21.80 लाख रुपए का कुल कार्य करना तय हुआ। हमने इकरारनामा की शर्तों के अनुसार समय-समय पर भुगतान कर दिया। जिसकी स्वीकृति भारत कुमार सैनी ने स्वयं की हस्तलिपि में हस्ताक्षर कर दी। इसके अतिरिक्त भी चार लाख रुपए उधार लिए, जिसकी लिखावट हमारे पास है। हमारा कोई भुगतान बकाया नहीं है। हमें बदनाम करके ब्लैकमेल करने के लिए पूर्व सुनियोजित आपराधिक षडय़ंत्र रचकर कृत्य किया गया।

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