
JAL JIVAN MISSION जलदाय इंजीनियर्स के काम से होगी रैंकिंग तय
जयपुर।
RAJASTHAN जल JAL JIVAN MISSION तहत घर घर पेयजल कनेक्शन जारी करने में फील्ड इंजिनियर जम कर लापरवाही कर रहे हैं। सोमवार को इसी लापरवाही की जमीनी हकीकत देखने जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत फील्ड में पहुंचे और मिशन के हालात देखे तो दंग रह गए। जल जीवन मिशन के तहत TONK-UNIYARA प्रोजेक्ट के गांवडी गांव में घर घर पेयजल कनेक्शन के लिए 2019 में तकनीकी स्वीकृति जारी हुई। लेकिन जून 2021 तक सिर्फ टेंडर ही जारी हुए।
अफसरों ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए पुरानी लाइन में PSP के जरिए नलों की टोंटियां लगा कर कनेक्शन जारी कर दिए। वहीं ग्रामीणों ने पानी के कम प्रेशर व कम गुणवत्ता की शिकायत की तो खुद एसीएस पंत ने टेस्टिंग किट से पेयजल की जांच की तो उसमें क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई। फील्ड में मिशन की इस स्थिति को देख एसीएस पंत उखड गए और एसई राजेश गोयल की जमकर क्लास ली और उन्हें चार्जशीट देने के आदेश अधिकारियों को दिए।
पंत ने टोंक जाते समय जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह आरओ प्लांट के पानी की जांच टेस्टिंग किट के जरिए की। जिसमें सभी जगह पानी की गुणवत्ता सही पाई गई। वहीं पंत के दौरे के समय जयपुर ग्रामीण अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत इस वित्तीय वर्ष में 30 लाख पेयजल कनेक्शन होने हैं। लेकिन फील्ड इंजिनियरों की लापरवाही का आलम यह है कि पहली तिमाही निकलने के बाद महज 1 लाख पेयजल कनेक्शन ही जारी हो पाए हैं। ऐसे में इस बात पर संशय है कि इस वित्तीय वर्ष में पेयजल कनेक्शन का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
Published on:
10 Aug 2021 09:08 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
