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जयपुर. कोविड—19 से उपजी देशव्यापी आपदा के बीच अब प्रदेश में भी नेशनल कम्यूनिकेबल डीजिज सेंटर एनसीडीसी का केन्द्र खुलेगा। इसकी अस्थायी शुरूआत करीब एक महीने में जयपुर के प्रताप नगर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े कोविड डेडिकेटेड अस्पताल आरयूएचएस में होगी। इस सेंटर की जयपुर में शुरूआत होने से वायरस में किसी भी तरह के वैरिएंट की मात्र 24 घंटे में ही पहचान तो होगी ही, साथ ही वायरस और बैक्टीरिया के बदलाव पर सतत शोध कार्य भी किए जा सकेंगे।
अभी तक राजस्थान में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा शुरू हुई है। जिसमें कुछ ही नमूने प्रतिदिन जांचें जा रहे हैं, उनकी भी पुष्टि के लिए पुणे और दिल्ली सैंपल भेजे जा रहे हैं। इस सेंटर की स्थापना के लिए शनिवार को एनसीडीसी के अधिकारियों ने जयपुर में आरयूएचएस के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। आरयूएचएस की ओर से इस एमओयू पर आरयूएचएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुधांशु कक्कड़ और एनसीसी की ओर से संयुक्त निदेशक नेहा धूरिया ने हस्ताक्षर किए। शुरूआती तौर पर आरयूएचएस में इसकी शुरूआत होने के बाद इसका अलग से केन्द्र जयपुर में बनेगा। जिसके लिए राजस्थान सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। इस एमओयू के दौरान आरयूएचएस अधीक्षक डॉ.अजीत सिंह भी मौजूद रहे। आरयूएचएस के कार्यवाहक कुलपति डॉ.सुधीर भंडारी ने बताया कि इस केन्द्र का एक सेंटर जयपुर में भी बनने से कोविड जैसी संक्रामक बीमारियों के उपचार और शोध कार्यों में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनसीडीसी देश का एक बड़ा संस्थान है, उसका जुड़ाव आरयूएचएस से होने पर राजस्थान को इन बीमारियों से निपटने में काफी मदद मिलेगी। इसके लिए एनसीडीसी से तकनीकी, शैक्षणिक और विशेषज्ञ सहयोग आरयूएचएस को मिलेगा।
Published on:
29 Jan 2022 09:08 pm
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