टीम का कहना है कि जिस मिठाई की दुकान पर कार्रवाई करने गए थे। उस पर 2.80 लाख रुपए नगरीय विकास कर बकाया है। दो बार नोटिस जारी किया गया। मालिक की ओर से कोई आपत्ति भी दर्ज नहीं करवाई गई। इसके बाद जब निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो दुकानदार ने क्षेत्रीय पार्षद विकास बारेठ को बुला लिया। राजस्व शाखा की टीम में राजस्व अधिकारी ऊषा के अलावा रणजीत भी साथ थे। टीम ने रिश्वत के आरोप बेबुनियाद बताए। वहीं, पार्षद विकास बारेठ का कहना है कि नगरीय विकास कर वसूली के नाम पर मनमानी की जा रही है।