
Corruption was doing in the name of department, distortion, thug arrest
जयपुर
भ्रष्टाचार रोकने वाले विभाग में काम करने वालों को इस बात की चिंता सताती है कि कहीं बाजार में उनके नाम से कोई उगाही या चौथ वसूली नहीं करने लग जाए। इसलिए अधिकतर मामलों में बड़े लोगों के नाम समय से पहले उजागर करने से कतराते है। इसके बाद भी कई लोग हरकतों से बाज नहीं आते और लोगों को मूर्ख बनाकर चपत लगा देते है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में यूडीसी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शख्स को रामगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर तीन लोगों से छह लाख रुपए एेंठ चुका है। नौकरी नहीं लगने पर रुपए गंवाने वाले एसीबी मुख्यालय पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को दबोच कर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
रामगंज थानाप्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी संदीप सिंह जादौन धौलपुर के राजाखेड़ा में धानकापुरा का रहने वाला है। आरोपी ने नींदड़ रावजी का रास्ता निवासी कुमारी अनम नाज को एसीबी में यूडीसी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 2 लाख रुपए ऐंठ लिए। काफी समय गुजर जाने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो आरोपी पैसे चुकाने की जगह टालमटोल करता नजर आया।
अनम नाज कई दिनों से टालमटोल रवैया देख एसीबी मुख्यालय पहुंच गई और अफसरों से मिलकर जल्द ही नौकरी लगाने के लिए कहने लगी। अनम नाज को एसीबी के आईजी वीके सिंह से मिलवाया गया। जब अनम नाज से सीधे यूडीसी पर नौकरी पर लगाने के बारे में वीके सिंह ने सुना तो वे समझ गए कि महिला को ठगा गया है।
आईजी वीके सिंह ने संदीप सिंह के बारे में जानकारी हासिल कर टीम के एक सदस्य को नौकरी लगाने की कहकर बात कराई और उसके ठिकाने की जानकारी हासिल कर गिरफ्तार करने के बाद रामगंज थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि वसीम अली और आदिल रहमानी के बेटे से भी दो-दो लाख रुपए लेकर ठगी का शिकार बना चुका है।
दोनों को आरोपी ने राजस्थान विश्वविद्यालय में नौकरी लगाने का झांसा दिया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
Published on:
01 Jun 2018 01:03 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
