
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। फोटो: पत्रिका
Joint Commanders Conference: जयपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं जीते जाएंगे, बल्कि नई सोच और बेहतर तालमेल से जीते जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया है। रक्षामंत्री ने शुक्रवार को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित दूसरी जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने तीनों सेनाओं के कमांडरों से बदलती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। रक्षामंत्री ने कहा कि आने वाले समय के युद्ध हाइब्रिड खतरों, सूचना और साइबर, अंतरिक्ष तथा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्रों में एक साथ संचालित अभियानों से प्रभावित होंगे।
वो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में 'मिलिट्री केपेबिलिटी इन न्यू डोमेन्स' यानी नह क्षेत्रों में सैन्य क्षमता विषय पर मंथन किया गया। इसमें भविष्य के युद्ध. बहुक्षेत्रीय अभियान, तकनीकी उन्नय और संयुक्त क्षमता विकास पर व्यापन विचार-विमर्श हुआ। कॉन्फ्रेंस में संगठनात्मक युद्ध, एआइ और साइबन सुरक्षा पर भी मंथन किया गया। यह मंथन भारत की सैन्य तैयारियों और संयुक्त परिचालन क्षमता को भविष्य के अनुरूप मजबूत करने में भूमिका निभाएगा।
कॉन्फ्रेंस में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी, थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामत आदि मौजद रहे।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार शाम को जयपुर पहुंचे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे जयपुर मिलिट्री स्टेशन पहुंचे और ज्वाइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री रिलीज की, जिसमें भारत के पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने के कई विजुअल दिखाए गए हैं।
दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में पहले दिन आत्मनिर्भरता, नवाचार, स्वदेशीकरण समेत कई अंतरिक क्षेत्रों पर विचार विमर्श हुआ। बाद में रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित मूवी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किया था।
Updated on:
09 May 2026 10:22 am
Published on:
09 May 2026 10:21 am
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