
सफाई कर्मचारियों के परिणाम पर कोर्ट ने लगाई रोक
सफाई कर्मचारियों की भर्ती पर सरकार को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने भर्ती का परिणाम जारी करने और नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग और निदेशक स्वायत्त शासन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डीएलबी ने प्रदेशभर में 184 नगरीय निकायों में 21 हजार 136 सफाई कर्मचारियों की भर्ती निकाली थी। जिसकी लॉटरी बुधवार को निकलेगी। जयपुर जिले के निकायों की लॉटरी भवानी निकेतन स्कूल में निकाली जाएगी। जहां रिजल्ट घोषित नहीं किया जाएगा। इन्हें सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा। हालांकि जिले की किशनगढ़ रेनवाल और जोबनेर नगरपालिकाओं सहित २० निकायों में ३० जून को लॉटरी निकाली जाएगी। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में अभ्यर्थियों की प्रविष्ठ की गई सूची में गलतियां रहने की वजह से इनकी लॉटरी को रोका गया है।
यह था मामला
अखिल भारतीय वाल्मिकी समाज आरक्षण सामाजिक शोध एवं विकास समिति की ओर से दायर याचिका में उल्लेख किया गया था कि वर्ष 2012 में सफाई कर्मचारियों की अनुभव के आधार पर भर्ती निकाली गई थी। लेकिन इसे पूरा किए बिना इसमें आए आवेदकों को वर्ष 2018 की भर्ती में शामिल कर लिया। वहीं दूसरी तरफ नियमों में संशोधन कर भर्ती को लॉटरी के जरिए करने का प्रावधान कर दिया। याचिका में संशोधित नियमों को चुनौती देते हुए कहा गया कि लॉटरी व्यवस्था में अभ्यर्थी की योग्यता और अनुभव का आंकलन नहीं हो पाता है। इसके साथ ही संशोधित नियमों को पूर्व के खाली पदों पर लागू नहीं किया जा सकता है। इसलिए नियमों में किए गए संशोधन को रद्द कर भर्ती में लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने लॉटरी का परिणाम जारी करने और नियुक्ति देने पर रोक लगा दी।
इन निकायों में निकली है भर्ती
पदमपुर, बाली, राजगढ़ (चूरू), भीलवाड़ा, उदयपुर, खेड़ली, दौसा, जैसलमेर, बारां, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़, देवगढ़, गंगापुरसिटी, प्रतापगढ़, हिण्डौन, भिवाड़ी, कोटा, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर और मालपुरा।
Published on:
26 Jun 2018 08:30 pm
