
,,62 निकाय नहीं कर रहे हैं सरकार के आदेशों की पालना, ना मास्क वितरण ना जागरुकता कार्यक्रम
प्रदेश में कोरोना पर काबू करने की महत्ती जिम्मेदारी नगरीय निकायों की है। मगर प्रदेश के 62 निकाय इस दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद ये निकाय ना तो मास्क वितरण कर रहे हैं और ना ही जागरुकता कार्यक्रम चला रहे हैं। जिसके चलते इन निकायों की परफोरमेंस 'पूअर श्रेणी' में रखी गई है। सरकार ने इन निकायों पर सख्ती करते हुए हिदायत दी है कि अपनी परफोरमेंस सुधारने के साथ ही कोरोना को लेकर किए गए कामों को नियमित अपलोड करें।
सरकार ने सभी निकायों को कोरोना काल में जागरुकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत शहरों में ई—रिक्शा व अन्य माध्यमों से कोरोना से बचने के उपाय का प्रचार—प्रसार करने के साथ ही सफाई में लगे हूपर से भी जनचेतना कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही वैक्सीनेशन कैम्प में दो गज की दूरी का पालन, पम्पलेट वितरण और समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बताए जाने थे, लेकिन 62 निकाय यह काम नहीं कर रहे हैं। जिसकी लगातार सरकार को शिकायत मिल रही थी।
भरतपुर नगर निगम भी शामिल
छोटे निकायों के साथ इस श्रेणी में भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर उत्तर जैसे बड़े निकाय भी यह काम करने में कोताही बरत रहे थे। जिस पर सरकार ने नियमित रूप से कोरोना से बचने के उपाय के लिए ड्राइव चलाने और इसकी जानकारी अपलोड करने के निर्देश् दिए गए हैं ताकि निकायों की परफोरमेंस सुधर सके।
दफ्तरों में भी उड़ रही कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां
प्रदेश के ज्यादातर निकायों में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है। कर्मचारी ना मास्क लगा रहे हैं और ना ही आने वाले लोगों को मास्क लगाने की हिदायत दी जा रही है। ऐसे में निकायों को कोरोना गाइडलाइन की पालना करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
06 Feb 2022 11:30 am
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