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राज्यों की मांग पर ही वैक्सीन खरीदने का अधिकार दिया था, अब क्यों बना रहे हैं मुद्दा-कटारिया

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्‍द कटारिया ने वैक्सीन को लेकर चिकित्‍सा मंत्री रघु शर्मा और कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा दिए जा रहे बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि 50 प्रतिशत केन्‍द्र की वैक्‍सीन का कोटा हैं। यह निशुल्क वैक्सीन राज्‍यों के माध्‍यम से ही प्रदान किया जा रहा है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

May 16, 2021

राज्यों की मांग पर ही वैक्सीन खरीदने का अधिकार दिया था, अब क्यों बना रहे हैं मुद्दा-कटारिया

राज्यों की मांग पर ही वैक्सीन खरीदने का अधिकार दिया था, अब क्यों बना रहे हैं मुद्दा-कटारिया

जयपुर।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्‍द कटारिया ने वैक्सीन को लेकर चिकित्‍सा मंत्री रघु शर्मा और कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा दिए जा रहे बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि 50 प्रतिशत केन्‍द्र की वैक्‍सीन का कोटा हैं। यह निशुल्क वैक्सीन राज्‍यों के माध्‍यम से ही प्रदान किया जा रहा है। वैक्‍सीन वितरण प्रणाली का नियंत्रण राज्‍यों को देने की मांग लगातार उठ रही थी। जिसके तहत केन्‍द्र ने 50 प्रतिशत वैक्सीन खरीदने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। मगर कई राज्य अब इसे बेवजह मुद्दा बना रहे हैं।

कटारिया ने कहा कि केन्‍द्र सरकार से राजस्‍थान को 50 प्रतिशत निशुल्‍क वैक्‍सीन 1 करोड़ 52 लाख मिल चुकी है, जो सम्‍पूर्ण भारत मे मिली 18 करोड़ वैक्‍सीन का 9 प्रतिशत के लगभग है। उसके बाद भी वैक्‍सीन को लेकर राज्‍य के मंत्री एवं कांग्रेस के पदाधिकारी लगातार अनावश्‍यक बयानबाजी कर रहे है, जो उचित नही है।

1.6 प्रतिशत राशि देने से नहीं मिलेगी वैक्सीन

कटारिया ने कहा कि रघु शर्मा के बयान ने सरकार की वैक्‍सीन खरीद की पोल खोलकर रख दी। राजस्‍थान को 7.5 करोड़ वैक्‍सीन की आवश्‍यकता है, जिसके लिए 3000 करोड़ रुपए की आवश्‍यकता है। चिकित्‍सा मंत्री का यह कहना कि हमने वैक्‍सीन खरीदने के लिए 38 करोड़ 58 लाख सीरम व 12 करोड़ 07 लाख भारत बायोटेक को दिए हैं। वैक्‍सीन खरीदने के लिए यह कुल राशि 3000 करोड़ का मात्र 1.6 प्रतिशत के लगभग है। यह आंकड़े अपने आप ही वैक्‍सीन के बारे मे राज्‍य सरकार की सोच को दर्शाते है और यह एक शर्मनाक उदाहरण भी है। अब चिल्‍लाने से क्‍या लाभ हैं। जिन राज्‍यों ने वैक्‍सीन खरीदने के लिए पहले राशि उपलब्‍ध करा दी तो कम्‍पनी उन्‍हें पहले वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराएगी। इसलिए सरकार कंपनियों को अधिक राशि उपलब्ध कराए ताकि 18-44 आयु वर्ग के लोगों के वैक्सीनेशन को गति मिल सके।