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सड़क पर घूमने वाली गाय अब आवारा नहीं आश्रयहीन कहलाएगी

नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर खुले में घूमने वाली गायों को अब आवारा नहीं कहा जाएगा। उप महापौर पुनीत कर्णावट की पहल पर आयुक्त दिनेश यादव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यादव के आदेश अनुसार अब सड़क पर मिलने वाली गाय को आश्रयहीन या बेसहारा गाय कहकर संबोधित किया जाएगा। नगर निगम की पत्रावलिओं में भी इसी शब्द का इस्तेमाल होगा।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Dec 31, 2020

सड़क पर घूमने वाली गाय अब आवारा नहीं आश्रयहीन कहलाएगी

सड़क पर घूमने वाली गाय अब आवारा नहीं आश्रयहीन कहलाएगी

जयपुर।

नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर खुले में घूमने वाली गायों को अब आवारा नहीं कहा जाएगा। उप महापौर पुनीत कर्णावट की पहल पर आयुक्त दिनेश यादव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यादव के आदेश अनुसार अब सड़क पर मिलने वाली गाय को आश्रयहीन या बेसहारा गाय कहकर संबोधित किया जाएगा। नगर निगम की पत्रावलिओं में भी इसी शब्द का इस्तेमाल होगा।

कर्णावट ने कहा कि गाय हमारी सामाजिक धार्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है। गाय का हमारी संस्कृति में विशेष महत्व है, ऐसे में गाय के लिए आवारा शब्द इस्तेमाल करना उसके सम्मान को ठेस पहुंचाता है। गोमाता का जो सम्मान है, उसे कायम रखने के लिए यह फैसला किया गया है। आपको बता दें कि शहर में सड़क पर घूमने वाले पशुओं को पकड़ने का काम नगर निगम के जिम्मे हैं। इन पशुओं को निगम की गोशाला शाखा की ओर से पकड़ा जाता है। इसके बाद पशुओं को हिंगोनिया गोशाला पहुंचाया जाता है। शहर में सड़कों पर ज्यादातर गायें ही घूमती हुई मिलती हैं। निगम अधिकारियों की ओर से आवारा गाय या पशु का ही संबोधन दिया जाता रहा है। मगर इस नए आदेश के बाद सड़क पर घूमती गाय के लिए आश्रयहीन या बेसहारा शब्द का प्रयोग किया जाता है।