
SMS stadium Jaipur: पिछले कुछ सालों में ( pm modi ) केंद्र ओर राज्य सरकारों के साथ जिस तरह से प्रेरेंटस ने अपने बच्चों को खेलों के प्रति आगे बढ़ाने का प्रयास किया उससे बच्चों में खेलों के प्रति रुझान बढ़ा है । ( jaipur hindi news ) कुछ साल पहले तक जहां बच्चे फिल्म कलाकारों को अपना आइकन मानते वहीं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अपना आइकन मानने लगे है । एक वक्त जब बच्चे क्रिकेट के अलावा किसी ओर खेल को ठीक तरह से जानते भी नहीं थे लेकिन आज बच्चे हर एक खेल में अपनी रुचि दिखा रहे हैं । ( pm modi ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार मन की बात कार्यक्रम में परम्परागत खेलों को प्रोत्साहन देने की बात करते रहते है।
एथलेटिक्स में बढ़ा रुझान
एसएमएस स्टेडियम में आने वाले बच्चों में एथलेटिक्स के प्रति रुझान बढ़ा है । जिस तरह से पिछले कुछ सालों में भारत की एथलेटिक्स में पदकों की संख्या बढ़ने लगी है उससे युवाओं में एथलेटिक्स के प्रति रुझान बढ़ने लगा है ।स्टेडियम में पिछले सालों के मुकाबले एथलेटिक्स खेलों में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो करीब 130 से 150 खिलाड़ी रोजाना प्रैक्टिस करने आ रहे है । खेल अधिकारी महिपाल ग्रेवाल ने बताया क्रिकेट के बाद सबसे ज्यादा खिलाड़ी एथलेटिक्स में प्रैक्टिस करने आते है । उनका कहना था एक समय था जब स्टेडियम में क्रिकेट के अलावा किसी और खेल में बहुत कम खिलाड़ी प्रैक्टिस करते नजर आते थे लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां होने वाले हर खेल में बच्चे प्रैक्टिस करते नजर आते हैं।
क्रिकेट के साथ अन्य खेलों में बढ़ी रुचि
पिछले सालों में स्टेडियम में जहां क्रिकेट के प्रति युवाओं का अधिक रुझान था वहीं अब अन्य क्रिकेट के साथ अन्य खेलों की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी है । स्टेडियम में बास्केटबॉल, जुड़ो,
वॉलिबॉल, टेबल टेनिस,हैंडबॉल के साथ कबड्डी और बैडमिंटन खेलते बच्चे अधिक नजर आते है । हाल ही में स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले बच्चों में से कई बच्चों ने नेशनल स्तर पर पदत भी जीते है । स्टेडियम की बात करें तो 15 से 17 अलग- अलग खेलों में रोजाना करीब 500 से अधिक खिलाड़ी यहां प्रैक्टिस करने आते है । खेल अधिकारी का कहना था प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही जहां पहले 250 से 300 बच्चे यहां प्रैक्टिस करने आते थे वह संख्या अब 500 से अधिक हो गई है। लड़कियों के लिए यहां 2 एकेडमी चलती है जिसमे करीब 80 से 90 लड़कियां प्रैक्टिस करने आती है ।
खेल खिलाड़ी
बैडमिंटन - 50 से 60
जूड़ों - 35 से 40
रेसलिंग - 15 से 20
जिम्नास्टिक्स- 25 से 30
बाॉक्सिंग - 50
लोग टेनिस - 40 से 50
टेबल टेनिस- 20
स्क्वैश -15 से 20
वॉलिबॉल - 15 से 20
तैराकी - 5 से 10
क्रिकेट- 150 से अधिक
एथलेटिक्स -130 से 150
पाई निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
अधिकारियों का कहना था राजस्थान पत्रिका के इनिशिएटिव पत्रिका इन एजुकेशन (पाई ) की ओर से हर साल आयोजित होने वाले पाई स्कूल ओलंपिक्स खेलों के प्रति बच्चों को आगे बढ़ाने में महत्पूर्ण भूमिका निभा रहा है । पाई स्कूल ओलंपिक्स में भाग लेने वाले स्कूलों और बच्चों की संख्या में साल-दर-साल अच्छी खासी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है । इस वर्ष 11 नवम्बर से 16 नवम्बर तक एसएमएस स्टेडियम आयोजित हुए पाई स्कूल ओलंपिक्स में 280 स्कूलों के 12 हजार से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया।
नेशनल लीग से बढ़ रही लोकप्रियता
स्टेडियम आयोजित होने वाले विभिन्न नेशनल लीग से भी बच्चों में खेलों केप्रति लोकप्रियता में बढ़ोत्तरी हुई है । आईपीएल,प्रो कबड्डी लीग, आईएसएल जैसी लीग्स के आयोजन में ग्लैमर और तड़क-भड़क के चलते बच्चे ओर युवा खेलों के प्रति आकर्षित हो रहे है ।
स्टेडियम में कोर्ट की कमी के चलते खिलाड़ियों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है अगर इन इनकी संख्या बढ़ा दी जाए तो खिलाड़ियों की संख्या ओर बढ़ेगी ।
भूपेन्द्र सिंह
महासचिव राजस्थान स्टेट जुड़ो संघ
Updated on:
21 Nov 2019 07:46 am
Published on:
21 Nov 2019 07:45 am
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