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पूछताछ में फुट-फुट कर रोया दाती, क्राइम ब्रांच करवा सकती है दाती का पोटेंसी टेस्ट, आसाराम का भी हुआ था ये टेस्ट

पूछताछ में फुट-फुट कर रोया दाती, क्राइम ब्रांच करवा सकती है दाती का पोटेंसी टेस्ट, आसाराम का भी हुआ था ये टेस्ट  

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जयपुर

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rohit sharma

Jun 22, 2018

जयपुर ।

शिष्या से दुष्कर्म के आरोप में फंसे आरोपी दाती मदन आज एक बार फिर क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। दुष्कर्म आरोपी दाती मदन से दिल्ली क्राइम में आज सुबह 10 बजे से ही पूछताछ चल रही है। क्राइम ब्रांच पूछताछ के दौरान सख्त दिखी साथ ही क्राइम ब्रांच दाती से पूछताछ कर रहे अफसरों को भी नोटिस जारी कर सकती है।

बताया जा रहा है कि इस बार जांच में सख्ती बरती गई है और क्राइम ब्रांच दाती मदन से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच सचिन जैन और नवीन गुप्ता को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है। शुक्रवार को पूछताछ के दौरान दाती मदन जॉइंट कमिश्नर के सामने फूट फूट कर रोने लग गए। सूत्रों की माने तो पूछताछ के बाद सामने आया है की जांच टीम ज़रूरत पड़ने पर दाती मदन का पोटेंसी टेस्ट भी करा सकती है।

आपको बता दें कि, पोटेंसी टेस्ट से आसाराम भी पहले गुजर चुके है। रेप के आरोप में फंसे बलात्कार के आरोपी आसाराम बापू ने खुद को नपुंसक बताया था। ऐसे में कोर्ट के आदेश पर उनका पोटेंसी टेस्ट हुआ था। इस टेस्ट में आसाराम का झूठ पकड़ा गया था और अब जरूरत पड़ने पर दाती मदन का भी यह टेस्ट करवाया जा सकता है।

क्या है पोटेंसी टेस्ट?

पोटंसी टेस्ट में प्राइवेट पार्ट की क्षमता का पता लगाया जाता है। किसी व्यक्ति नपुंसक होना या न होना, इसका पता इस खास प्रकार के टेस्ट जिसे पोटेंसी टेस्ट कहते हैं से लगाया जाता है। कई बार बलात्कार के आरोपी खुद को नपुंसक बता कर बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में कोर्ट के आदेश पर पुलिस या जांच टीम आरोपी का पोटेंसी टेस्ट करवाती है।


कैसे किया जाता है पोटेंसी टेस्ट?

पोटेंसी टेस्ट करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक इस टेस्ट को पाइप टेस्ट कहते हैं और ये बड़ा आसान भी है। इसमें पापावेरीन और फेंटालोनीन को मिक्स कर इंजेक्शन दिया जाता है। इस इंजेक्शन के लगने के बाद टेस्ट करवाने आए शख्स के खून की वेन्स टाइट होने लगती हैं। इसके बाद डॉक्टर प्राइवेट पार्ट का अल्ट्रासाउंड करते है। जिसमें देखा जाता है कि प्राइवेट पार्ट में ब्लड की सप्लाई सामान्य है या कम। डॉक्टरों के मुताबिक अगर ब्लड सप्लाई की दर ऊपर की दिशा में 25 सेमी प्रति सेकेंड है तो वो शख्स सेक्सुअल रिलेशन बना सकता है।


इन मामलों में नहीं हो पाता सही टेस्ट?

कई बार ज्यादा उम्र और डायबटीज जैसी बीमारियों की वजह से खून की नसों में सिकुड़न आ जाती है। ऐसे में इंजेक्शन लगाने के बाद भी नसों में रक्त का प्रभाव सही ढंग से नहीं हो पाता।