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कर्नाटक के सियासी नाटक में आया निर्णायक मोड़

कर्नाटक के नाटक में सोमवार को निर्णायक मोड़ देखने को मिले। {national issue} कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को विधानसभा में बहुमत प्रस्तुत करेगी। {political drama }इससे पहले एचडी {karnataka} कुमारस्वामी ने { yeddyurappa}सदन में बहुमत साबित करने की इजाजत मांगी थी। {political crisis} जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला सुनाया। कांग्रेस और जेडीएस को अब भी उम्मीद है कि बागी विधायक उनका साथ देंगे। वहीं भाजपा का कहना है कि 15 से ज्यादा विधायक सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है।
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जयपुर

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Jitendra Kumar Pradhan

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Updated: 15 Jul 2019, 11:03 PM IST

कर्नाटक के सियासी नाटक में आया निर्णायक मोड़

कर्नाटक के सियासी नाटक में आया निर्णायक मोड़

कर्नाटक के नाटक में सोमवार को निर्णायक मोड़ देखने को मिले। कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को विधानसभा में बहुमत प्रस्तुत करेगी। इससे पहले एचडी कुमारस्वामी ने सदन में बहुमत साबित करने की इजाजत मांगी थी। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला सुनाया। कांग्रेस और जेडीएस को अब भी उम्मीद है कि बागी विधायक उनका साथ देंगे। वहीं भाजपा का कहना है कि 15 से ज्यादा विधायक सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। ऐसे में कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

कर्नाटक में कांग्रेस के बागी विधायक एम टी बी नागराज को मनाने की कोशिशें असफल रहने के बाद वे रविवार को मुंबई चले गए जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि त्यागपत्र वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता । आपको बता दे कि कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के नेताओं ने शनिवार को नागराज से बातचीत की थी ताकि कर्नाटक में एच.डी. कुमारस्वामी नेतृत्व वाली सरकार को बचाने के लिए उन्हें मनाया जा सके। उधर कर्नाटक में चल रहे सियासी नाटक को लेकर सोमवार को भी नेताओं की बयान बाजी का दौर जारी रहा। कांग्रेस नेताओं ने कर्नाटक की गठबंधन सरकार को विश्वास मत प्राप्त करने का दावा किया और वर्तमान सियासी संकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।