उन्होंने कहा कि राज्य में अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए जल्द ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से डेफ, पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार बनाने वाली इकाइयों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों के लिए उपलब्ध कराए गए उर्वरक का गलत इस्तेमाल न हो सके।