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मगरमच्छ का हमला: 25 मिनट तक मौत से जूझकर पशुपालक ने अपनी अपनी जान

जयपुर

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Newsdesk

Aug 04, 2026

Rajasthan

करणपुर. महाराजपुरा ग्राम पंचायत के गौटा निवासी 55 वर्षीय पशुपालक उम्मेद मीना ने चंबल नदी में मगरमच्छ के हमले के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और साहस का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली। रविवार शाम करीब चार बजे भैंसों को पानी पिलाने के बाद जैसे ही वह स्वयं पानी पीने के लिए नदी किनारे झुका, पहले से घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने उसके पैर को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उसे करीब 10 फीट गहरे पानी में खींच ले गया।

करीब 25 मिनट तक चले इस जानलेवा संघर्ष में उम्मेद मीना ने हिम्मत नहीं हारी। संघर्ष के दौरान मगरमच्छ ने चार बार उसे दोबारा दबोचने का प्रयास किया, लेकिन हर बार पशुपालक ने साहस और सूझबूझ से खुद को छुड़ा लिया। बताया गया कि पशुपालक ने मगरमच्छ पर लगातार जवाबी वार किए और एक बार उसे कंधे तक उठाकर किनारे की ओर पटकने का भी प्रयास किया। आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं होने से उसे तत्काल मदद नहीं मिल सकी और जान बचाने के लिए मगरमच्छ से संघर्ष करता रहा।

काफी संघर्ष के बाद उम्मेद मीना किसी तरह नदी से बाहर निकलने में सफल रहा। बाहर आते ही उसने अपने बेटे पीतम मीना को फोन कर घटना की जानकारी दी। बेटा मौके पर पहुंचा और जख्मी पशुपालक को मोटरसाइकिल से गांव लेकर आया। इसके बाद परिजन उसे सवाई माधोपुर के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार पशुपालक की हालत अब खतरे से बाहर है।





सवाईमाधोपुर अस्पताल में भर्ती उम्मेद मीना।