
बिना ज्यादा खर्च के इस तरह कर सकते हैं अच्छी खेती
जयपुर
Custom hiring centres In Rajasthan : किसानों में एक बड़ा तबका है लघु और सीमांत किसानों का। इन किसानों के पास खेती के लिए आधुनिक उपकरणों की कमी होती है। उपकरण खरीदने के लिए अच्छी खासी रुपया लगता है। लेकिन किसान चाहें तो किराए पर कृषि उपकरण लेकर आसानी से आधुनिक तरीकों से खेती कर सकते हैं। किराए पर उपकरण लेकर खेती करने से किसानों को सहुलियत होने के साथ ही कृषि उपकरण खरीदने में लगने वाली पूंजी की तुलना में लागत कम आती है। किसानों की सुविधा के लिए राज्य में कस्टम हायरिंग सेंटर चल रहे हैं। किसान इन सेंटरों पर जाकर किराए पर कृषि उपकरण ले सकता है। इतना ही नहीं अगर कोई किसान खुद कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू करना चाहता है तो उसे इसे शुरू करने के लिए सरकार से आर्थिक सहायता भी मिलती है। राजस्थान में कस्टम हायरिंग सेंटरों की सूची के साथ ही अब इन उपकरणों को किराए पर लेने के लिए वसूला जाने वाला शुल्क की जानकारी आॅनलाइन की जाएगी। जिससे किसानों को पता रहे कि कौनसे कृषि उपकरण को किराए पर लेने का कितना शुल्क है। इससे कस्टम हायरिंग सेंटर वाले किसानों से अधिक वसूली नहीं कर सकेंगे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि इन केन्द्रों पर मिलने वाले उपकरण काश्तकार को सहज और वाजिब किराए पर मिले।
आपको बता दें कि इसलिए राज्य में एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो गंगवार ने किसानों के हित में संचालित किए जा रहे कस्टम हायरिंग सेन्टर पर किराए पर मिलने वाले उपकरणों और किराया राशि की जानकारी केन्दीकृत वेबसाइट पर उपलब्ध करवाएं। उन्होंने यह भी कहा है कि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग में अधिकतर योजनाएं केन्द्र प्रवर्तित हैं। जिनमें केन्द्र और राज्य सरकार का विभिन्न अनुपात में शेयर होता है। इन योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन कर राशि व्यय करने से किसानों को व्यापक लाभ मिल सके। आपको बता दें कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन के तहत राजस्थान में 750 सेंटर्स स्थापित करने की योजना शुरू में बनाई गई थी। आपको बता दें कि कुसुम सोलर योजना के लिए केन्द्र सरकार राजस्थान में इस साल 7.5 हॉर्स पॉवर के 25 हजार सोलर पम्प लगाने की सैद्धान्तिक सहमति दे दी है। आगामी तीन वर्ष में दो लाख सोलर पम्प लगाना प्रस्तावित है।
किराए पर ये उपकरण मिलेंगे
आपको बता दें कि कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को किराए पर ले सकते हैं। अगर किसी किसान के पास ट्रैक्टर नहीं है तो ये भी किराए पर लिया जा सकता है और जरूरत पूरी होने पर वापस कस्टम हायरिंग सेंटर को लौटाया जा सकता है। ट्रैक्टर के साथ ही थ्रेसर मशीन, सीडड्रील, कल्टीवेटर, रीपर, रोटावेटर, हेरा, लेवलर के साथ खेती में मददगार अन्य कई कृषि उपकरण किसानों को निर्धारित दरों पर उपलब्ध करवाए गए हैं।
Published on:
27 Sept 2019 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
