
जयपुर . ऑनलाइन ठगी करने वालों ने नया तरीका निकाला है। अगर आप पेटीएम या फिर कोई अन्य सेवा के लिए आधार नंबर और फिंगर प्रिंट दे रहे हैं तो सावधान रहें। इन दिनों यह सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर घर-घर एक गिरोह आ रहा है। यह गिरोह आपके आधार कार्ड की जानकारी लेकर आपसे फिंगर प्रिंट ले सकता है। आपके फिंगर प्रिंट देते ही आपका बैंक में जमा पैसा कहीं ओर ट्रांसफर हो सकता है। धोखाधड़ी होने पर आप इसकी शिकायत भी नहीं करा सकते हैं, क्योंकि फिंगर प्रिंट देने का मतलब है आप रकम निकालने के लिए सहमत थे। आॅनलाइन ठगी और ऐसे जालसाजों से बचने के लिए आप निम्न उपाय अपनाएं :
खुद जाएं अधिकृत केन्द्र पर
आधार को अकाउंट या मोबाइल से लिंक कराने के लिए सीधे बैंक जाकर जिम्मेदार अधिकारी या फिर अधिकृत स्वीकृत केन्द्रों के जिम्मेदार व्यक्ति से मिलकर करवाएं। यह भी पूरी पड़ताल के बाद करें। जब कार्ड लोगों के पास है, पैसा ट्रांसफर उन्हें करना है, फिर पे-टीएम, वॉलेट या अन्य इस तरह की सुविधा देने वालों को फिंगर प्रिंट देने की जरूरत नहीं है।
मोबाइल में एप, पर रहें अलर्ट
निरीक्षक गजेन्द्र शर्मा ने बताया कि लोग मोबाइल में बैंकों का एप डालने से बचें। साइबर थाने में ऐसा एक मामला भी सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति का मोबाइल लेकर अन्य व्यक्ति ने पीडि़त के बैंक खाते से ऑनलाइन 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। मैसेज आने पर उसे डिलिट कर मोबाइल वापस पीडि़त को दे दिया।
एटीएम की जानकारी नहीं करें साझा
मोबाइल पर बैंक अधिकारी या कर्मचारी बनकर फोन करने वालों को कभी भी अपने एटीएम और बैंक खाते की जानकारी नहीं दे। बैंक का पत्र मिलने पर संबंधित बैंक अधिकारी से संपर्क करें। इस तरह से ठगी की वारदातें लगभग रोज हो रही हैं।
जब तक बात न हो रुपए जमा नहीं करवाएं
इन दिनों जालसाज ई-मेल के बजाए सीधे फोन पर रुपए रसूखदार के बाहर जाने पर बीमार होने या फिर किसी अन्य आपात स्थिति में फंसने की जानकारी दे रुपए पेटीएम या बैंक खाते में जमा कराने के लिए कहते हैं। आपने रसूखदार से संपर्क नहीं साधा और रुपए जमा करवा दिए तो ठगी के शिकार हो जाएंगे।
Published on:
09 Nov 2017 09:34 pm
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