
मोहित शर्मा.
जयपुर. ट्रैफिक के नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है, यदि आप इन रूल्स को फॉलो नहीं करेंगे तो आपका चालान भी हो सकता है। अब वो चाहे नो पार्किंग का हो, हाई स्पीड, नंबर प्लेट या फिर रेड लाइट पार करने का। सख्त नियमों के साथ अब ट्रैफिक पुलिस हाइटेक भी हो गई है, ऐसे में अब आपका ई-चालान भी किया जा सकता है। इसमें आपके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आता है, जिससे आपको चालान होने की जानकारी मिलती है। यहां तक तो ठीक है लेकिन अब साइबर स्कैमर्स ने सरकार की इस प्रक्रिया में भी ठगी की गली निकाल ली है। साइबर ठग आजकल इस प्रकार के मैसेज के जरिए ठगी की वारदातों को अंंजाम दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों देश में फर्जी ई-चालान का स्कैम चल रहा है। खासकर जिन लोगों ने नई-नई गाड़ी ली है, वे लोग इस फर्जी चालान के जाल में फंस रहे हैं। इस स्कैम को लेकर अब सरकारी साइबर एजेंसी साइबर दोस्त ने हाल ही में चेतावनी जारी की है। वहीं पुराने वाहन चालक भी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के नाम पर ई-चालान कटवाने के चक्कर में फंसते नजर आ रहे हैं।
क्रॉस चेक करें
साइबर दोस्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ई-चालान स्कैम से सावधान रहें। आपके पास ई-चालान को लेकर कोई मैसेज आता है तो उसके साथ मिले लिंक को क्रॉस चेक करें। इस फर्जी लिंक के जरिए आपके बैंक अकाउंट को खाली किया जा सकता है। असली मैसेज गर्वन्मेंट साइट का होता है, जबकि नकली में गर्वन्मेंट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ई-चालान के नाम पर स्कैमर्स लोगों पर साइबर अटैक कर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं।
फेक ई-चालान स्कैम?
यह एक नए तरह का स्कैम है। पुलिस के अनुसार, स्कैमर्स लोगों को ऐसे टेक्स्ट संदेश भेज रहे हैं, जो देखने में ऐसे लगते हैं जैसे वे ट्रैफिक पुलिस से हों। संदेशों में कहा गया है कि प्राप्तकर्ता ने यातायात उल्लंघन किया है और उसे जुर्माना भरना होगा। संदेशों में एक लिंक भी शामिल होता है जिस पर प्राप्तकर्ता को जुर्माना भरने के लिए क्लिक करने का निर्देश दिया जाता है। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों को एक फर्जी वेबसाइट पर री-डायरेक्ट किया जाता है। उसके बाद पेमेंट ले लिया जाता है। इसके अलावा कई बार लिंक के जरिए यूजर्स के फोन को भी हैक किया जाता है और निजी जानकारी चोरी की जाती है।
असली और नकली चालान की पहचान कैसे करें?
जानकारी के अनुसार असली चालान के मैसेज में इंजन नंबर, चेसिस नंबर जैसी जानकारी होती हैं। असली चालान के मैसेज के साथ आए लिंक पर क्लिक करने पर वह लिंक यूजर्स को सरकार की आधिकारिक साइट https://echallan.parivahan.gov.in/ पर री-डायरेक्ट करता है। नकली साइट का लिंक कुछ ऐसा https://echallanparivahan.in/ है। इसमें gov को हटा दिया गया है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के नाम पर ई-चालान
अभी देशभर में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाई जा रही है। जिनके यह प्लेट नहीं होगी उनका चालान किया जाएगा। यही बात स्कैमर्स को भी पता है, वे उसी का फायदा उठा रहे हैं।
स्कैम से बचने के लिए क्या करें?
फेक ई- चालान स्कैम से बचने के लिए आपको कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना होगा। ई-चालान के मैसेज को देखकर घबराएं नहीं। किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अटैचमेंट को डाउनलोड करें।
संदेह है तो आप ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने व्हीकल डिटेल्स डालकर चेक कर सकते हैं कि वाकई आपका चालान कटा भी है या नहीं।
अन-वेरिफाइड वेब, साइट या फिर मोबाइल ऐप पर वित्तीय जानकारी या आधार डिटेल डालने की भूल न करें।
अगर आपका वाकई चालान कटा है तो सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ही पेमेंट करें।
Updated on:
19 Jul 2024 10:17 am
Published on:
19 Jul 2024 10:16 am
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