
साइबर ठगी के शिकार पीड़ित पिता- पुत्र, पत्रिका फोटो
Cyber Fraud in Jaipur: जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र निवासी 70 राजकुमार शर्मा को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाकर उनके तीन बैंक खातों से लाखों रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने जब पुलिस से संपर्क किया, तब तक ठग कुल 51,29,927 रुपए निकाल चुके थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद केवल 4,17,073 रुपए की राशि ही खातों में शेष मिली, जिसे फ्रीज कर पीड़ित के खातों में लौटाया गया।
शर्मा के अनुसार वे वर्ष 2010 में एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हुए थे। वे अपने 40 वर्षीय दिव्यांग बेटे के साथ रहते हैं। पत्नी का निधन हो चुका है और बेटे की जिम्मेदारी उन पर है। 18 जून को उन्हें फोन आया, जिसमें ठग ने खुद को जांच एजेंसी से बताते हुए कहा कि उनके नाम से जारी एक अन्य सिम से धोखाधड़ी हुई है। उनके मुबई स्थित बैंक ऑफ कनाडा के खाते से डेढ़ करोड़ रुपए खालिस्तानियों को ट्रांसफर हुए हैं। उनके खिलाफ सीबीआइ और आइबी के पास गिरफ्तारी वारंट है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आ रही है।
साइबर थाने के एसएचओ श्रवण कुमार ने बताया कि, घटना के सात दिन बाद पीड़ित पुलिस के पास आए। ठगों के खातों में केवल 4 लाख से कुछ अधिक राशि ही बची थी, जिसे फ्रीज करवा कर वापस दिलाया गया। पीड़ित के खातों में क्रमश: 73 रुपए, 11 हजार रुपए और 4.6 लाख रुपए रिफंड कराए गए। ठगी की राशि तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग बैंकों के खातों में ट्रांसफर की गई थी, जो विभिन्न फर्मों के नाम से हैं। ठगों की तलाश में पुलिस टीम को दोनों राज्यों में भेजा गया है।
एक अन्य व्यक्ति ने थाने का अफसर बनकर बात की और कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह जो खाते बताएगा, उनमें रुपए ट्रांसफर करें। पीड़ित ने डर के कारण आइसीआइसीआइ बैंक से 21 लाख, बैंक ऑफ बड़ौदा से 20 लाख और पोस्ट ऑफिस खाते से 15 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने किसी से बात की तो उनका मर्डर हो जाएगा। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि यदि उन्हें उनकी रकम वापस मिल जाए तो वे अपने दिव्यांग बेटे के लिए बेहतर जीवन की व्यवस्था कर सकते हैं।
जयपुर साइबर थाना पुलिस की टीमों को तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना किया गया है।
पुलिस ने शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई है। पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील भी की है।
पीड़ित राजकुमार शर्मा ने बताया कि जीवन की जमापूंजी गंवा देने के बाद अब दिव्यांग बेटे के इलाज की चिंता सता रही है। पुलिस कैसे भी करके मेरे पैसे दिलवा दे तो कम से कम बेटे के इलाज की चिंता से तो राहत मिलेगी।
Published on:
08 Aug 2025 11:45 am
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