
जयपुर। राजस्थान के सबसे खुंखार और 40 हजार के इनामी डकैत जगन गुर्जर ( dacoit t Jagan Gurjar ) ने शुक्रवार को बाड़ी सदर थाने में सरेंडर कर दिया। वह पुलिस से बचने के लिए चंबल के बीहड़ों में छुपा हुआ था और पुलिस ने उसके खिलाफ तलाशी अभियान छेड़ रखा था। जगन ( Jagan Gurjar ) के सरेंडर करने के बाद धौलपुर से अधिकारी बाड़ी सदर थाना पहुंच गए हैं। इससे पहले भी जगन तीन बार सरेंडर ( Jagan Gurjar Surrender ) कर चुका है। जगन हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, फिरौती और डकैती के कई मामलों में वांछित है।
वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) के महल को उड़ाने की धमकी देकर फैलाई सनसनी
धौलपुर ( Dholpur ) तीन तरफ से बेहद खतरनाक बीहड़ों से घिरा हुआ राजस्थान का ऐसा जिला है जहां राज रहता है तो सिर्फ डकैतों का। डकैतों का आतंक ऐसा कि गांवों के लोग तो क्या प्रशासन भी उनके आगे बेबस सा नजर आता है। इन्हीं सबके बीच में एक खुंखार डकैत बनकर उभरा ‘जगन गुर्जर‘। जगन गुर्जर का लोगों में ऐसा खौफ था कि गांवों में लोग उसके डर से शादियां तक नहीं करते थे। 2008 में राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की। ऐसे में जगन गुर्जर भी इस आंदोलन में कूद पड़ा और उसने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर वाले महल को बम से उड़ाने की धमकी देकर पूरे राजस्थान में सनसनी फैला दी।
प्रेमिका के लिए पुलिस के सामने टेके घुटने
शादीशुदा जगन को एक महिला कोमेश गुर्जर से प्यार हो गया। एक बार डकैती के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में जगन की प्रेमिका कोमेश गोली का शिकार हो गई। अपनी प्रेमिका के लिए जगन किसी तरह पुलिस को गच्चा देते हुए एक नर्सिंग होम में ले गया। जहां कोमेश का इलाज चल ही रहा था कि अचानक से पुलिस पहुंची और प्रेमिका कोमेश को गिरफ्तार कर लिया। कोमेश के प्यार में घिरे जगन ने पुलिस के सामने हथियार डालने की शर्त रख दी और कहा कि अगर उसे अपनी प्रेमिका कोमेश के साथ रहने दिया जाए तो वह आत्मसमर्पण कर देगा। पुलिस ने उसकी बात को माना और जगन ने 2001 में सरेंडर कर दिया।
जीजा की हत्या का बदला लेने के लिए बन गया डकैत
राजस्थान में दहशत का पर्याय बने जगन गुर्जर के जीजा की 1994 में हत्या हो गई थी जिसका बदला लेने के लिए जगन ने गांव के ही एक आदमी का कत्ल कर दिया था। ऐसे में पुलिस से बचने का कोई रास्ता न देखकर उसने अपनी पत्नी और तीन भाइयों के साथ मिलकर चंबल के बिहड़ों में शरण ली और खुद की गैंग बना ली। जगन राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले चंबल में अपनी धाक जमाने में कामयाब रहा और आतंक का बादशाह बन गया।
जमानत पर छूटा तो फिर से कर दी गुंडई
इसी जून महीने में ही जगन गुर्जर ( jagan gurjar surrender ) फिर से जमानत पर बाहर आया और उसने अपनी दहशत कायम करने के लिए करौली के बाजार में दिन दहाड़े फायरिंग कर दी। इसके बाद वो 13 जून को धौलपुर के बाड़ी कस्बे में पहुंचा और एक दुकानदार से मारपीट की। जगन गुर्जर ने धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने और उनके साथ मारपीट का मामला सामने आया था जिसके बाद से पुलिस उसे पीछे लगी हुई थी।
Updated on:
28 Jun 2019 11:26 am
Published on:
28 Jun 2019 11:22 am
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