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पाला पडऩे से फसलों में नुकसान, कराह उठा किसान

पाला पडऩे से फसलों पर जमी बर्फ देखकर किसान कराह उठा और ङ्क्षचता बढ़ गई। कृषि अधिकारियों ने सोमवार को क्षेत्र का जायजा लेकर नुकसान का आकलन किया। सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो फसलों पर पाला पडऩे से बर्फ जमी दिखी।

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पाला पडऩे से फसलों में नुकसान, कराह उठा किसान

पाला पडऩे से फसलों में नुकसान, कराह उठा किसान

जयपुर। राजधानी जयपुर के चाकसू क्षेत्र की तहसील क्षेत्र कोटखावदा में पाला पडऩे से फसलों (Damage to crops due to frost) पर जमी बर्फ देखकर किसान कराह उठा और ङ्क्षचता बढ़ गई। कृषि अधिकारियों ने सोमवार को क्षेत्र का जायजा लेकर नुकसान का आकलन किया। सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो फसलों पर पाला पडऩे से बर्फ जमी दिखी।

किसान राजकुमार चौधरी जगरामपुरा, मुकेश शर्मा नरोत्तमपुरा, ओमप्रकाश व गिर्राज बैरवा आदि किसानों ने बताया कि फसलों पर पाला पडऩे से नुकसान हुआ है। इससे किसान को आर्थिक नुकसान तो होगा ही। साथ ही कड़ाके की ठंड में की गई मेहनत भी बेकार हो रही है।

नुकसान की सही जानकारी 2-3 दिन बाद
सहायक कृषि अधिकारी कोटखावदा आलोक शर्मा व सहायक कृषि अधिकारी गरुड़वासी घनश्याम शर्मा ने बताया कि किसानों को फसलों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। साथ ही पाला पडऩे से फसलों में हुए नुकसान की जानकारी 2-3 दिन बाद पूर्णरूप से सही मिल पाएगी। भ्रमण के दौरान सरसों की फसल में 20 से 25% नुकसान और सब्जी में 50 से 60% नुकसान माना जा रहा है। वहीं अभी पाला पड़ रहा है और पूर्णतया नुकसान की जानकारी 2-3 दिन बाद ही लग पाएगी।

अधिकारियों ने बताए बचाव के उपाय
आलोक शर्मा व घनश्याम शर्मा ने बताया कि किसानों को फसलों से बचाव के लिए गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत अर्थात एक हजार लीटर पानी में 1 लीटर शांद्र गंधक का तेजाब मिलाकर घोल तैयार करके एवं फसल पर छिड़काव करें। घुलनशील गंधक के 0.2% घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं। साथ ही फसलों के अवशेष, कूड़ा, घास-फूस जलाकर धुंआ करें। पाले के दिनों में फसलों की सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है।