जयपुर। डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान की ओर से गुरुवार को जवाहर कला केंद्र में शुरू हुए डेल्फिक गेम्स की श्रृंखला में ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिली। सुरेख आर्ट गैलेरी में प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स के की ओर से राजस्थान प्रदेश के ग्रामीण जीवन और बालपन की अठखेलियों से लबरेज बाल जीवन आनंद के छायाचित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रदर्शनी में सुनील चौधरी का शेड्स ऑफ रेड खेत में लाल गुलाल उड़ाती मिर्चियों का फोटो, चारपाई पर खड़े होकर एयर शो करते हुए ऊंट का फोटो, शुभम सोनी का ग्रामीण महिलाओं के द्वारा बनड़े को नहलाते हुए फोटो, सिद्धार्थ केजरीवाल का राणा जी एंड द गोबलेट ऑफ फायर चाय बनाते हुए फोटो, विपुल शर्मा के खींचा हुआ साफा पहन कर मुस्कुराते हुए एक ग्रामीण का सजे-धजे ऊंट का फोटो, तरुण कुमार खत्री का तुलसी पूजा का फोटो,अविनाश मेहता का गडरिया का उसकी भेड़ों के साथ जाते हुए फोटो, चंद्र खान का फीस ऑफ राजस्थान एक ग्रामीण महिला का फोटो, अविनाश मेहता की गर्विला गड़रिया, राजेश कुमार सैनी सडक़ों पर खुले आसमान में बेफिक्र जीवन का प्रतिनिधित्व करते हुए गुब्बारे बेचते हुए गरीब बच्चों का अलमस्त फोटो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनी के निर्णायक मंडल में शामिल वरिष्ठ आईएफएस अरिजीत बनर्जी, ट्रेवलर धर्मेंद्र कंवर और छायाकार उमेश गोगना ने उत्कृष्ट छायाचित्रों को चयनित किया। छायाकार सिकंदर खान, अविनाश मेहता, राजेश कुमार सैनी और उदय डंगायच की छायाचित्रों को प्रथम पुरस्कार और सांत्वना पुरस्कार के लिए चयन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान डेल्फिक काउंसिल की अध्यक्ष श्रेया गुहा, जिला कलेक्टर अलवर जितेंद्र सोनी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
कलाकारों ने दिया लाइव डेमो
इससे पूर्व दोपहर एक बजे गेम्स की शुरुआत आर्ट कैम्प के उद्घाटन से हुई। आर्ट कैंप में जयपुर, कानोता, लालसोट, अजमेर,बीकानेर,किशनगढ़, मेरठ से आए पेंटिंग कलाकार और राजस्थान स्कूल और आट्र्स, भारतीय शिल्प संस्थान, राजस्थान विश्वविद्यालय के विजुअल आर्ट डिपार्टमेंट और ड्रॉइंग एंड पेंटिंग डिपार्टमेंट के इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट ने भाग लिया। भारतीय शिल्प संस्थान की ओर से बनाई गई 80 फीट की डेल्फिक आर्ट वॉल भी आकर्षण का केंद्र रही। आर्ट कैंप के बाद दीप प्रज्जवलन के साथ क्राफ्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। उद्योग और वाणिज्य विभाग के सहयोग से क्राफ्ट प्रदर्शनी में लाख की चूडिय़ां बनाने, हैंडब्लॉक प्रिंटिंग, कपड़े बुनाई, चरखा चलाने और राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से खादी की स्टॉल्स लगाई गई। वहीं शाम को उड़ीसा की नृत्यांगना रंजना गौहर ने अपनी प्रस्तुति दी।
कला प्रेमियों को मिलेगा मंच- श्रेया गुहा
डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान की अध्यक्ष श्रेया गुहा ने कहा कि यह खेल राज्य के कला प्रेमी युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के 18 से 35 साल तक के युवा इन खेलों में भाग ले रहे हैं। डेल्फिक खेल क्षेत्रीय स्तर पर पहली बार आयोजित हो रहे हैं और यह खेल राजस्थान की कला और संस्कृति के संरक्षण और राज्य के युवाओं को अपनी कला की पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इंडियन डेल्फिक काउंसिल के अध्यक्ष एनएन पांडे ने कहा कि राजस्थान शौर्य और पराक्रम की भूमि रही है। यहां के लोक नृत्य अनमोल हैं।