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कूकर खेड़ा अनाज मंडी में प्रदर्शन आज…1600 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर राजस्थान की 247 मण्डियों में व्यापार बंद है। आज व्यापारी सीकर रोड स्थित कूकर खेड़ा मंडी में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 11 सितंबर को व्यापारियों की आमसभा होगी जिसमें आगे की रणनीति तैयार होगी।

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जयपुर


राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर राजस्थान की 247 मण्डियों में व्यापार बंद है। आज व्यापारी सीकर रोड स्थित कूकर खेड़ा मंडी में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 11 सितंबर को व्यापारियों की आमसभा होगी जिसमें आगे की रणनीति तैयार होगी।

संघ के आव्हान पर राजस्थान की मंड़ियों में व्यापार बंद है। संघ के चैयरमैन बाबूलाल गुप्ता के अनुसार बंद का आह्वान केन्द्र सरकार की नीति के विराध में हो रहा है। जिसमें एक करोड़ रुपए बैंक से कैश निकालने पर बैंक 2 प्रतिशत टीडीएस काटने का प्रावधान किया गया है। इसी के साथ समर्थन मूल्य पर खरीद की जाने वाली कृषि जिंस पर आड़तिया को आड़त नहीं देने तथा राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा निर्देशित नए कृषि विपणन पर प्रस्तावित मॉडल एक्ट का भी व्यापारी विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों ने बंद के लिए पहले ही नोटिस जारी किया था और सोमवार से तीन दिवसीय बंद शुरू हुआ है। जिसमें अलग अलग मंड़ियों में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है इसी के तहत आज जयपुर की सीकर रोड स्थित कूकरखेड़ा मंडी में धरना प्रदर्शन होगा। अभी आज और कल भी मण्डियां बंद रहेगी। व्यापार बंद के कारण राज्य की मण्डियों में होने वाले क्रय-विक्रय का करीब 1600 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि यदि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार प्रावधानों को वापस नहीं लेती है तो जयपुर में संघ की आमसभा बुधवार दिनांक 11 सितम्बर 2019 को बुलाई गई है जिसमें आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया जाएगा।

पल्लेदारों की रोजी रोटी का संकट

व्यापारियों की हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी पल्लेदारों पर आ गई है। हड़ताल की वजह से पल्लेदारों की दहाड़ी बंद हो गई है दरअसल मंड़ियों में उठाव और पड़ाव नहीं हो रहा है जिसकी वजह से पल्लेदारों को मजदूरी मिलती है। हड़ताल की जानकारी पहले ही मिल जाने की वजह से किसान मंड़ियों में नहीं पहुंचे और व्यापारियों ने भी माल पहले ही गोदाम में रखवा दिया था।