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पात्र होने के बावजूद सरकारी योजना के लाभ से वंचित

भले ही सरकार आज भी सरकारी योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन ये दावा केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया है। आज भी ऐसे कई गरीब परिवार हैं जो पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठाने से वंचित हैं।

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पात्र होने के बावजूद सरकारी योजना के लाभ से वंचित

पात्र होने के बावजूद सरकारी योजना के लाभ से वंचित

भले ही सरकार आज भी सरकारी योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन ये दावा केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया है। आज भी ऐसे कई गरीब परिवार हैं जो पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठाने से वंचित हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। बूंदी में जजावर पंचायत में मालियों का बरड़ा की सीताबाई अपने बच्चों के साथ टपरी बनाकर झोपड़ी में रह रही हैं, उसे न तो प्रधानमंत्री आवास और न ही खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा है। वे बताती हैं कि आवास के लिए पंचायत से लेकर सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट चुकी हैं लेकिन अबतक आवास योजना का उन्हें लाभ नहीं मिला है। आवास नहीं मिलने के कारण सीताबाई अपने तीन बच्चों के साथ झोपड़ी बनाकर रह रही हैं। बतादें कि सीताबाई के पति दुर्गा लाल सैनी मजदूरी करते थे। जिनका छह महीने पहले अज्ञात बीमारी से मौत हो गई।

-बारिश के बाद सर्दी की मार

सीताबाई बताती हैं कि पति ही घर के कमाऊ सदस्य थे। उनकी कमाई से ही पूरा परिवार चलता था। पति की मौत के बाद पूरा परिवार असहाय हो गया है। वह उसी झोपड़ी में बरसात में भी रही। अब कड़ाके की सर्दी में वे यहां रह रही हैं। परिवार चलाने के लिए वह मजदूरी कर रही है। उसके दो बेटे और एक बेटी है। उनका भरण पोषण भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वह घर कैसे बनाएगी।

-टपरी में रहता है ओढ़ना-बिछोना
इस कड़ाके की सर्दी में लोग भले ही गर्म कपड़ों के साथ हीटर आदि का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन सीताबाई आज भी अपने तीन बच्चों के साथ टपरी में अपना जीवन निर्वाह कर रही है। अब देखना होगा कि आखिर कब जिम्मदार लोगों की नींद खुलती है।