
जयपुर। सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप के आरोप में दस साल कैद की सजा से दंडित किया है। इससे पहले रोहतक जेल में बनाई गई अस्थाई कोर्ट में सजा पर बहस पूरी होने पर राम रहीम जज से रहम की भीख मांगने लगा। बाबा के खिलाफ यह मामला साल 2002 का है। सीबीआई की विशेष कोर्ट ने कड़ी सुरक्षा के बीच यह फैसला सुनाया। बाबा के इस मामले पर देशभर की निगाहें थीं।
गुरमीत राम रहीम के साथ हर समय दिखने वाली उनकी दत्तक बेटी हनीप्रीत के साथ उनके अवैध संबंधों का मामला सामने आया है। हनीप्रीत अपने पति के साथ नहीं रहती हैं। उसके पति विश्वास गुप्ता ने साल 2011 में हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि डेरा सच्चा प्रमुख के उनकी तथाकथित दत्तक पुत्री के साथ अवैध संबंध हैं। बाबा को 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद राजस्थान में भी डेरा समर्थकों द्वारा किसी अप्रिय घटना की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया है।
गुरमीत राम रहीम का राजस्थान से बहुत ही पुराना और गहरा रिश्ता है। राम रहीम के इस कृत्य के साथ ही राजस्थान के श्रीगंगानगर की सूरतगढ़ तहसील में गुरुसर मोदिया गांव एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। बाबा गुरमीत राम रहीम का जन्म इसी गांव में 15 अगस्त 1967 को मग्घर सिंह के घर पर हुआ था। यह गांव राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से मिलती बॉडर पर स्थित है। बाबा का मूल घर अब डेरा में तब्दील हो चुका है।
राम रहीम अपने माता-पिता की दूसरी संतान हैं। उनसे पहले उनकी मां ने एक बेटी को जन्म दिया था लेकिन पैदा होते ही उसकी मौत हो गई। उसके बीस साल बाद गुरमीत राम रहीम का जन्म हुआ था। राम रहीम की शिक्षा यहीं गुरुसर के ही सरकारी स्कूल में हुई थी। सात साल की उम्र में माता-पिता ने इन्हें डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह को सौंप दिया। 1990 में उन्हें गद्दी सौंपी गई और वे संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां बन गए। 23 साल की उम्र में ही बाबा प्रवचन करने लगे थे। इनके दो बेटी और एक बेटा है।
राम रहीम को शुक्रवार को दोषी करार दिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने खूब उत्पात मचाया। मीडिया तक पर हमला बोला। मीडिया की गाड़ियों को निशाना बनाकर उन्हें जला दिया गया। कई पत्रकारों को चोटें भी आई। इस हिंसा के कारण कई शहरों में कर्फ्यू भी लगाना पड़ा। 2002 में गुरमीत राम रहीम सिंह पर सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का आरोप लगा। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। इस पत्रकार ने अपने स्थानीय अखबार पूरा सच में डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी खबरें प्रकाशित की थीं। इस अखबार में पत्रकार ने साध्वी की बात बताते हुए उसके यौन शोषण का खुलासा किया था।
Updated on:
28 Aug 2017 05:42 pm
Published on:
28 Aug 2017 05:39 pm
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