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डेजर्ट फेस्टिवल 2023: रेत के धोरों को न हो ‘परेशानी’, जैसलमेर में इको सेंसिटिव जोन में नहीं होंगे कार्यक्रम

आपत्ति थी कि सम और खुहड़ी रेत के धोरों पर तेज रोशनी और आतिशबाजी का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे यहां के वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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जयपुर

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Amit Purohit

Feb 01, 2023

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Jaisalmer Maru Mahotsav: Desert Festival (File Photo)

राजस्थान के जैसलमेर में जिला प्रशासन ने पूर्व डीएफओ के अनुरोध पर 5 फरवरी को डेजर्ट फेस्टिवल के समापन दिवस समारोह स्थल को डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) के इको-सेंसिटिव जोन से बाहर स्थानांतरित कर दिया है। निवर्तमान डीएफओ आशीष व्यास ने 12 जनवरी को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय मरु महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संवेदनशील जोन से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सम और खुहड़ी रेत के धोरों पर तेज रोशनी और आतिशबाजी का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे यहां के वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक बदलाव किए गए हैं, इसके लिए जिला कलक्टर टीना डाबी ने निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने तीन से पांच फरवरी तक मरु महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के स्थल में कई बदलाव किए हैं। चार फरवरी को खुहड़ी रेत के धोरों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम को जैसलमेर के पूनम स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं, सम रेत के टीलों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को भी डेजर्ट नेशनल पार्क (डीएनपी) के बाहर क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। सम सेंड ड्यून्स पर 1979 से जिस स्थान पर महोत्सव की अंतिम संध्या को सांस्कृतिक सांझ सजती रही है, वह अब सम सेंड ड्यून्स में ही अन्य जगह पर होगी क्योंकि अब तक आयोजन में काम लिया जा रहा क्षेत्र राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) के अंतर्गत आता है। महोत्सव के समापन के दिन आतिशबाजी का आयोजन भी टाला जा सकता है।

उधर, पांच फरवरी को जैसलमेर के सम रेत के धोरों में डेजर्ट फेस्टिवल के समापन दिवस के आयोजन का मामला दिल्ली में मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश किया गया था। एनजीटी बेंच के चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श किशोर गोयल और न्यायिक सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने मामले की सुनवाई की। हालांकि खुहड़ी वासियों ने कार्यक्रम स्थल बदलने पर नाराजगी जतायी है और विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि प्रशासन ने जानबूझ कर खुहड़ी से परहेज किया है।