18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के इस शहर में हर सड़क बैंड—बाजा और बारात, हर घर गूंज रही शहनाई

Dev Uthani Ekadashi: देवउठनी एकादशी पर चार माह के लंबे इंतजार के बाद फिर से शहर में बैंड बाजा और बारात की रंगत नजर आएगी। सड़कों पर बैंडबाजा और बारात नजर आएंगे। हर सड़क पर नाचते बाराती देखने को मिलेंगे।

2 min read
Google source verification
राजस्थान के इस शहर में हर सड़क बैंड—बाजा और बारात, हर घर गूंज रही शहनाई

राजस्थान के इस शहर में हर सड़क बैंड—बाजा और बारात, हर घर गूंज रही शहनाई

Dev Uthani Ekadashi: जयपुर। कार्तिक शुक्ल एकादशी पर आज देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। मंदिरों के साथ घर—घर देव उठाए जाएंगे, तुलसी विवाह के आयोजन हो रहे है। वहीं मांगलिक कार्य शुरू होंगे। चार माह के लंबे इंतजार के बाद फिर से शहर में बैंड बाजा और बारात की रंगत नजर आएगी। शाम होते ही सड़कों पर बैंडबाजा और बारात नजर आएंगे। हर सड़क पर नाचते बाराती देखने को मिलेंगे। राजधानी में तीन हजार से अधिक शादियां हो रही है। इसे लेकर शहर के विवाह स्थल, होटल, रिसोट्र्स आदि बुक है।

देवउठनी एकादशी का अबूझ मुहूर्त होने से शादी—ब्याह का उल्लास देखने को मिल रहा है। शहर के विवाह स्थलों पर रौनक बनी हुई है। कोविड के बाद बिना पाबंदी के आज शादियों का उल्लास देखते ही बनेगा। घर—घर और विवाह स्थलों पर शहरनाइयां गूजेंगी। शहर में करीब डेढ़ हजार से अधिक विवाह स्थलों पर शादियां हो रही है, हालांकि विवाह आयोजनों से जुड़े लोग करीब 900 से अधिक ही मैरिज गार्डन बुक होने की बात कह रहे है। इसके अलावा नगर निगम, जेडीए के सामुदायिक केन्द्र भी बुक है। शहर में सामूहिक विवाह के आयोजन भी हो रहे है।

दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के शादी—ब्याह
आॅल वेडिंग इंडस्ट्री फेडरेशन के महामंत्री भवानी शंकर माली का कहना है कि कोविड के दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के शादी—ब्याह शुरू हो रहे है। जयपुर शहर में तीन हजार से अधिक शादियां हो रही है, करीब 900 विवाह स्थल बुक है। प्रदेश में 40 हजार से अधिक शादियां हो रही है। शादी—ब्याह की तैयारियां पूरी कर ली गई है।

यह भी पढ़े: देवउठनी एकादशी पर बन रहे ये संयोग, मांगलिक कार्यों के लिए रहेंगे शुभ

घर के आसपास भी शादियां
शादी समारोह की धूम होने से कई लोग आज अपने घरों के आसपास खाली जगहों पर भी टेंट आदि लगाकर शादियां कर रहे है। इसके चलते घर—घर भी मांगलिक गीत गाए जा रहे है।