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घर—घर शादी—ब्याह की बात, बिना पाबंदी के एक ही दिन में 40 हजार से अधिक शादियां

Dev Uthani Ekadashi 2022: कार्तिक शुक्ल एकादशी को देव उठनी एकादशी पर फिर से बैंड बाजा और बारात की रंगत नजर आएगी। लंबे अंतराल के बाद फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।

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कोविड के बाद बिना पाबंदी के एक ही दिन में 40 हजार से अधिक शादियां, घर—घर शादी—ब्याह की बात

कोविड के बाद बिना पाबंदी के एक ही दिन में 40 हजार से अधिक शादियां, घर—घर शादी—ब्याह की बात

Dev Uthani Ekadashi 2022: जयपुर। कार्तिक शुक्ल एकादशी को देव उठनी एकादशी पर फिर से बैंड बाजा और बारात की रंगत नजर आएगी। लंबे अंतराल के बाद फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे। कोविड के दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के हर सड़क पर बैंड—बाजा व बारात होगी। शहर में 3 हजार से अधिक शादियां होंगी, इसके लिए 900 से अधिक विवाह स्थल बुक है, वहीं होटल, रिसोर्ट, कम्युनिटी हॉल आदि बुक हो चुके है। प्रदेशभर में 40 हजार से अधिक शादियां हो रही है।

बाजार से विवाह स्थल तक शादी—ब्याह का उल्लास देखने को मिल रहा है। घर—घर शादियों को लेकर चर्चा हो रही है। इस बीच शहर के विवाह स्थल भी सजधज कर तैयार हो चुके है। देवउठनी एकादशी पर शहर में बैंड बाजा की धुन के बीच शहनाई भी गूंजेंगी। हालांकि शुक्र अस्त होने से इस साल सिर्फ 8 ही पंचागीय सावे है, जबकि देव उठनी एकादशी का सिर्फ एक ही अबूझ सावा है, ऐसे में इन 9 दिन खूब शादियां होंगी। हर सड़क पर बैंड बाजा बारात नजर आएंगे।

प्रदेश में 40 हजार से अधिक शादियां, तैयारी पूरी
आॅल वेडिंग इंडस्ट्री फेडरेशन के महामंत्री भवानी शंकर माली का कहना है कि कोविड के दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के शादी—ब्याह शुरू हो रहे है। जयपुर शहर में तीन हजार से अधिक शादियां हो रही है, करीब 900 विवाह स्थल बुक है। प्रदेश में 40 हजार से अधिक शादियां हो रही है।

खाली जगहों पर भी लगे टैंट
जयपुर विवाह स्थल समिति के महामंत्री आलोक शर्मा ने बताया कि जयपुर में तीन हजार से अधिक शादियां हो रही है, ऐसे में विवाह स्थलों के अलावा होटल, रिसोर्ट, कम्युनिटी हॉल भी बुक है। देव उठनी एकादशी पर शादी—ब्याह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। खाली जगहों पर भी लोगों ने शादी—ब्याह के लिए टेंट लगाए है।

पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र और कुमार योग का संयोग
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि देव उठनी एकादशी का अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र और कुमार योग रहेगा। ये दोनों ही सूर्योदय के साथ शुरू होंगे, जो दिनभर रहेंगे। उन्होंने बताया कि शुक्र का तारा अस्त अबूझ मुहूर्तों को प्रभावित नहीं करता है, ऐसे में देवउठनी एकादशी पर मांगलिक कार्य हो सकेंगे। इसके बाद 28 नवम्बर को 10 रेखीय सावे के साथ पंचागीय मुहूर्त शुरू हो जाएंगे, इस माह दो दिन 10 रेखीय सावे है, जो विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।

24 नवंबर को उदय होगा शुक्र का तारा
देवउठनी एकादशी पर शुक्र का तारा अस्त रहेगा, जो 24 नवम्बर को उदय होगा। इस दिन रात 12 बजकर 15 मिनट पर शुक्र का तारा उदय होगा। इसके अगले 3 दिन इसका बाल्यत्व दोष रहेगा, ऐसे में पंचागीय सावों की शुरुआत 28 नवम्बर को 10 रेखीय सावे से हो रही है। शुक्र का तारा एक अक्टूबर को अस्त हुआ था।

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16 दिसम्बर को फिर लगेगा विराम
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि दिसम्बर में फिर से शादी—ब्याह में विराम लग जाएगा। 16 दिसम्बर को मलमास शुरू हो जाएगा, जो 14 जनवरी तक रहेगा, इस बीच मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे। इससे पहले देवशयनी एकादशी पर 10 जुलाई को मांगलिक कार्यों पर विराम लगा था, जो देवउठनी एकादशी के साथ शुरू हो रहे है।