जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल (Sawai Mansingh Hospital) में आने वाले बुजुर्ग मरीजों का मर्ज के साथ दर्द बढ़ रहा है। उन्हें दो घंटे तक बैठाकर आधी-अधूरी दवा दे घर भेजा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिम्मेदार इन सबसे अनजान बने हुए हैं। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका के संवाददाता ने सोमवार सुबह सवाई मानसिंह अस्पताल धन्वंतरि ब्लॉक (Sawai Mansingh Hospital Dhanwantri Block) में पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई।
सुबह 11:30 बजे… धन्वंतरि ब्लॉक
सर्जरी, ऑर्थो, न्यूरो, कॉर्डियो समेत अन्य विभागों के ओपीडी कक्ष में बड़ी संख्या में मरीज मौजूद थे। मरीजों की लंबी कतार में डॉक्टर से चिकित्सकीय परामर्श के लिए कई बुजुर्ग बारी का इंतजार करते दिखे। गर्मी और उमस से परेशान कुछ मरीज कतारों में थककर फर्श पर बैठे थे। धन्वंतरि ब्लॉक के हॉल में सीनियर सिटीजंस के दवा वितरण केंद्रों पर काफी बुजुर्ग पर्ची पर नंबर लगवाने, टोकन लेने व दवा का इंतजार कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि कई मरीज एक-दो घंटे से बैठे थे। कुछ आधे घंटे से टोकन लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। वहीं एक परिजन ने बताया कि यहां दवाइयां भी पूरी नहीं मिल रही हैं। पर्ची पर 5 दवा लिखी थी, जिसमें से दो ही मिलीं। शेष दवाओं के लिए 11 नंबर दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) पर जाने की कह रहे हैं। ऐसा हाल रोजाना देखा जा रहा है। जबकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि बुजुर्गों को समस्त दवा यहां पर मिल रही हैं। अब तो कई विभागों की ओपीडी में ही डीडीसी खुल गई, फिर यहां क्यों बैठाकर इंतजार कराया जा रहा है।
बाहर से ले लेना दवा…
हिंडौन से आई मरीज मुथरी देवी ने बताया कि डेढ़ घंटे से बैठाकर रखा, अब बोल रहे हैं दो दवा 11 नंबर से ले लो या अस्पताल के बाहर से खरीद लेना। अब ये कहां मिलेंगी, पता नहीं।
कहां जाऊं अब?
जमवारामगढ़ के नाई की थड़ी से आए बुजुर्ग मरीज रामचंद्र ने बताया कि पैरों में दर्द-सूजन है। आंखों से दिखाई नहीं देता। दवा पूरी नहीं मिली। अब क्या करूं, कहां जाऊं? समझ नहीं आ रहा।
एक घंटे से बैठी हूं…
भानगढ़ से उपचार कराने आई कमला ने बताया कि गले की बीमारी से ग्रस्त हूं। दवा के इंतजार में एक घंटे से बैठी हूं, पता नहीं कब नंबर आएगा। घर भी जाना है। रात हो जाएगी पहुंचने में।
लापरवाही हो रही है तो पता करा लेते हैं…
ओपीडी में सीनियर सिटीजंस को एक ही जगह पूरी दवा उपलब्ध कराई जा रही है। फिर भी इसमें लापरवाही हो रही है तो पता करा लेता हूं। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
– डॉ. अचल शर्मा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल