
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका
New Rules For Religious Conversion: अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विधिविरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून को बुधवार से लागू कर दिया है। इस कानून के तहत अब कोई भी व्यक्ति यदि स्वेच्छा से धर्म बदलना चाहता है तो उसे ऐसा करने से 90 दिन पहले संबंधित जिले के कलक्टर को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। कलक्टर की अनुमति के बिना किया गया धर्म परिवर्तन अब अवैध माना जाएगा।
कानून में स्पष्ट किया गया है कि जबरन, दबाव डालकर या किसी प्रकार के लालच, प्रलोभन या झूठे वादे के जरिए धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई संस्था या संगठन इस प्रकार के अवैध धर्मांतरण में शामिल पाया जाता है तो उसकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। यह प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता की आड़ में चल रहे गैरकानूनी कार्यों को रोकने के लिए किया गया है।
कानून में यह भी प्रावधान है कि शादी के माध्यम से धर्म परिवर्तन, जिसे आम भाषा में लव जिहाद कहा जाता है, धर्मांतरण का अपराध माना जाएगा। यदि यह साबित होता है कि विवाह धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया है, तो ऐसी शादी को अदालत द्वारा शून्य घोषित किया जा सकेगा।
इन अपराधों के लिए सख्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन कराता है, तो उसे उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है।
Updated on:
30 Oct 2025 07:37 am
Published on:
30 Oct 2025 07:37 am
