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डिजिटल गांव के काम का सर्वर हैंग, कब सपना होगा साकार

ग्राउंड रिपोर्ट : मार्च, 2017 में शुरू हुआ था काम     -10000 से अधिक की आबादी है गांव की-06 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे -02 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही थी जेडीए ने

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जयपुर

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Aryan Sharma

Feb 05, 2019

Jaipur

डिजिटल गांव के काम का सर्वर हैंग, कब सपना होगा साकार

अश्विनी भदौरिया/जयपुर. शहर से करीब 20 किमी दूर स्थित गोनेर को डिजिटल गांव के रूप में देखने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल यहां डिजिटल गांव बनाने का काम मार्च 2017 में शुरू हुआ था, लेकिन करीब दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो यहां सीसीटीवी कैमरे तो लग गए हैं, लेकिन चालू नहीं हैं। वहीं वाई-फाई, हॉटस्पॉट और स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम का अब तक इंतजार है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि डिजिटल गांव के नाम पर प्रचार-प्रसार तो खूब हुआ, लेकिन धरातल पर काम कुछ भी नहीं हुआ।
काम पूरा नहीं हो पाने के संबंध में जेडीए के अधीक्षण अभियंता सुरेश मीना का कहना है कि यह प्रोजेक्ट एक निजी कंपनी सीएसआर के तहत पूरा करवा रही थी, लेकिन उसने बीच में ही छोड़ दिया।

इधर अंतरिम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अगले पांच साल में एक लाख गांवों को डिजिटल करने की बात कही है। ऐसे में यहां के लोगों को फिर से उम्मीद जगी है कि गांव के आधे-अधूरे काम जल्द ही पूरे होंगे।

इसलिए चुना गया था
यहां जेडीए ने पहले से विकास कार्य करवा रखे थे। सीवर लाइन से लेकर सीसी रोड तक बनी हुई थी। शहर के पास होने के साथ ही यहां का लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर भी प्रसिद्ध है।

ये कार्य होने थे

सीसीटीवी कैमरा : गांव के प्रवेश द्वार, लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर, स्कूल, पार्किंग और पंचायत भवन पर प्रस्तावित।
मौजूदा स्थिति : कैमरे तो लगे, लेकिन चालू नहीं। मंदिर में कैमरा ट्रस्ट की ओर से लगाए गए हैं, जो चालू हैं।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग : पंचायत भवन, सरपंच ऑफिस, चुने हुए जनप्रतिनिधि के यहां व्यवस्था करनी थी।
मौजूदा स्थिति : पंचायत भवन में इंटरनेट के लिए उपकरण लाए, लेकिन उससे आगे नहीं बढ़े।


वाई-फाई हॉटस्पॉट : लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर, स्कूल, पार्किंग, डाइट कैम्पस में लगाए जाने थे।
मौजूदा स्थिति : कहीं भी वाई-फाई चालू नहीं हुआ।


डिजिटल क्लासरूम : बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा मिले, इसके लिए सैकेंडरी स्कूल और पंचायत भवन पर प्रस्तावित था।
मौजूदा स्थिति : कहीं भी नहीं बने। डाइट में कम्प्यूटर कक्ष बना है, वह भी आए दिन बंद रहता है।


आउटडोर एलईडी स्क्रीन : पंचायत भवन, पार्किंग और जगदीश महाराज मंदिर में।

मौजूदा स्थिति : लगा तो दिए, मगर चालू नहीं।


इंटरेक्टिव कियोस्क : रेवेन्यू, खेती, पेंशनधारियों की सूची और इससे जुड़ी जानकारी, गांव के सरकारी अधिकारियों के नम्बर आदि के लिए पंचायत भवन पर बनाना था।

मौजूदा स्थिति : छह माह से अधिक समय बनाए हो गया, लेकिन चालू नहीं किया।

हैल्थकेयर पैड : इसके माध्यम से ग्रामीण जयपुर के चिकित्सकों के साथ परामर्श ले सकते थे।
मौजूदा स्थिति : कुछ दिन तक राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इसका संचालन हुआ। अब कई माह से यह बंद है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का यहां आना प्रस्तावित था। इसको लेकर जेडीए ने यहां पर डिजिटल सुविधाओं को शुरू करवाया, लेकिन राजे के नहीं आने से काम आधे-अधूरे ही होकर रह गए।

- अरुण जैन, उप सरपंच, गोनेर


अभी इस प्रोजेक्ट को लेकर रिव्यू नहीं किया है। जल्द ही रिव्यू कर स्थिति देखेंगे।

- टी रविकांत, जेडीसी