22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आई खुशी की घडी मगर… मिला मलाल का सोना

राजस्थान यूनिवर्सिटी का 28वां दीक्षांत समारोह

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jaya Gupta

Nov 08, 2017

jaipur

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय का 28वां दीक्षांत समारोह बुधवार को कॉन्वोकेशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में 170 विद्यार्थियों को पीएचडी उपाधियां व 264 को गोल्ड मैडल दिए गए। समारोह में विवि के कुलाधिपति, राज्यपाल कल्याण सिंह शामिल नहीं हुए। जिसके चलते छात्र—छात्राओं के दिल में राज्यपाल के हाथों से गोल्ड मैडल नहीं मिल पाने का मलाल रहा।

वहीं परिजनों को भी दीक्षांत समारोह में आने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में अभिभावक बच्चों को गोल्ड मैडल मिलते हुए देख नहीं पाए। जिससे छात्र—छात्राओं में मायूसी रही। समारोह में कुल 587 गोल्ड मेडलिस्ट में से करीब 264 को गोल्ड मेडल दिए गए। बाकी विद्यार्थियों ने समारोह में आने में सहमति नहीं जताई थी। वहीं करीब 170 को पीएचडी दी गई। जिनमें से 170को समारोह से पहले ही पीएचडी दी गई।

शिक्षक ही नहीं आए वेशभूषा

कार्यक्रम के लिए विवि की ओर से सफेद रंग की भारतीय वेशभूषा निर्धारित की गई थी। छात्रों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने वाले हर व्यक्ति को वहीं वेशभूषा पहन कर आनी थी। लेकिन, कार्यक्रम में शिक्षक ही वेशभूषा में नहीं दिखे।


अब परिसर में नहीं होगा छात्रसंघ कार्यालयों का उद्घाटन - माहेश्वरी
समारोह में उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि जिन्होंने अब तक छात्रसंघ कार्यालयों का उद्घाटन नहीं किया, उन्हें अब विश्वविद्यालय परिसर के भीतर उद्घाटन नहीं करने दिया जाएगा। परिसर के बाहर उद्घाटन कर सकते हैं। मगर भीतर कोई आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। गौरतलब है कि राजस्थान विवि में अब तक छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन नहीं हुआ है। माहेश्वरी ने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) की दूसरी किश्त 10 करोड़ रुपए की विवि को मिलने वाली है। इस राशि से विवि में ऑडिटोरियम का काम करवाया जाएगा। ताकि विवि के पास एक दीक्षांत समारोह व अन्य आयोजनों के लिए स्थाई ऑडिटोरियम हो।


देश की टॉप 20 विवि में शामिल करने का प्रयास
माहेश्वरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 20 वर्ल्ड क्लास विवि बनाए जा रहे हैं। प्रदेश से राजस्थान विवि को वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी में शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि छात्रों को अत्याधुनिक शिक्षा मिल सके।