
जयपुर। ’यह सोचना ठीक नहीं है कि भविष्य में एआइ नौकरियां खत्म कर देगा और इंसानों की जगह ले लेगा। क्योंकि रचनात्मक काम और भावनात्मक समझ संबंधित कार्यों में एआइ इंसानों की तरह नहीं काम कर सकता।’ यह कहना है जेईसीआरसी जयपुर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस विभाग की अध्यक्ष प्रो.डॉ.मंजू व्यास का।
उन्होंने ’आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इज हीयर टू एपॉवर द ऑथर्स एंड राइटर्स, नोट रिप्लेस देम’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित किया। व्यास ने कहा कि समय के साथ एआइ इंसानों के लिए नई नौकरियों को भी उत्पन्न करेगा। उन्होंने कहा कि एआइ लेखकों समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को सशक्त बनाने के लिए है, लेकिन हमेशा यह ध्यान रखें कि हम किस तरह अपना सवाल लिख रहे हैं, उसमें किस तरह के चिन्हों का इस्तेमाल कर रहे हैं और जवाब में एआइ ने हमें क्या परोसा है।
व्यास ने कहा कि वर्तमान में यह भी देखने में आ रहा है कि एआइ किसी भी लेखक का कंटेंट किसी दूसरे को उपलब्ध करा रहा है। ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र में गंभीरता से नियम कायदे बनाने की जरूरत है। रविवार को नौ दिवसीय पत्रिका बुक फेयर का समापन हुआ।
Published on:
24 Feb 2025 08:53 am
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