
फिर आरसीए विवाद की भेंट चढ़ा राजस्थान क्रिकेट
जयपुर. प्रदेश की क्रिकेट एक बार फिर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में चल रहे विवाद की भेंट चढ़ती दिख रही है। आरसीए अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और सचिव राजेन्द्र सिंह नांदू के बीच जारी सत्ता विवाद के चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2018-19 घरेलू सत्र के लिए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को टीम उतारने की अनुमति नहीं दी है। इसके परिणामस्वरूप इस बार भी प्रदेश के खिलाड़ी टीम राजस्थान की ओर से बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट सत्र में खेलते हुए दिखाई देंगे। बीसीसीआई ने 2018-19 सत्र के लिए अपना घरेलू कैलेण्डर जारी कर दिया है, जिसकी शुरुआत 17 सितम्बर को दलीप ट्रॉफी के साथ हो जाएगी। रणजी ट्रॉफी एक नवम्बर से शुरू होगी।
पांच साल बाद भी नहीं सुधरे हालात
बता दें कि बीसीसीआई ने साल 2014 में ललित मोदी के अध्यक्ष बनने के साथ ही आरसीए को निलंबित कर दिया था। खिलाडिय़ों के कोर्ट की शरण में जाने के बाद बोर्ड ने उन्हें टीम राजस्थान के बैनर तले खेलने की अनुमति दी थी, जिसका प्रबंधन बोर्ड ने खुद के हाथ में रखा। उसके बाद 2017 में दोबारा चुनाव हुए और कांग्रेस नेता सीपी जोशी आरसीए अध्यक्ष बने। लेकिन सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर ललित मोदी गुट के लोग काबिज हुए। बोर्ड ने आरसीए का संस्पेंशन खत्म करने का आश्वासन तो दिया, लेकिन दोनों गुटों के बीच फिर विवाद की स्थिति होने पर उसने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। पांच साल बाद भी हालात जस के तस हैं।
नौ नई टीमें उतरेंगी घरेलू सत्र में
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की अध्यक्षता में हुई बीसीसीआई की तकनीकी समिति की बैठक में नौ नई टीमों को घरेलू कैलेण्डर में शामिल करने का फैसला किया गया। ये नई टीमें हैं, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, पुड्डुचेरी, सिक्किम और उत्तराखण्ड। ये सभी टीमें प्लेट ग्रुप में खेलेंगी। सीनियर पुरुष वर्ग में इस बार 37 टीमें उतरेंगी, जबकि महिला वर्ग में 36 टीमें अपनी चुनौती पेश करेंगी। सितम्बर से शुरू होने वाला घरेलू क्रिकेट सत्र मार्च 2019 में सम्पन्न होगा, जिसमें करीब 2000 मुकाबले खेले जाएंगे।
Published on:
19 Jul 2018 11:08 am
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