9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Disability Innovation: राजस्थान बनेगा दिव्यांग तकनीक का मॉडल राज्य, शोध संस्थानों को मिला प्रोत्साहन

Healthcare Technology: दिव्यांगों के लिए नई तकनीक की राह खुली, हल्के, सस्ते और स्मार्ट कृत्रिम अंगों पर फोकस।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Jan 08, 2026

जयपुर. विशेष योग्यजनों के जीवन को अधिक सहज, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बुधवार को अम्बेडकर भवन में आयोजित बैठक में उन सरकारी व गैर-सरकारी शोध संस्थानों के प्रस्तुतिकरण देखे,जो कृत्रिम अंगों और सहायक उपकरणों को और अधिक उन्नत बनाने पर कार्य कर रहे हैं।

बैठक में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों और विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक तकनीक, हल्के डिजाइन और किफायती उपकरणों से जुड़े नवाचारों की जानकारी साझा की। मंत्री गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2025-26 के तहत इन उपकरणों की गुणवत्ता सुधारने और शोध को बढ़ावा देने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा और मजबूत सहारा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान ऐसा नवाचार करने वाला अग्रणी राज्य बन रहा है, जहां संवेदनशीलता के साथ तकनीक को सामाजिक कल्याण से जोड़ा जा रहा है। मंत्री ने शोध संस्थानों को प्रोत्साहित करते हुए उपकरणों को अधिक उपयोगी, हल्का और टिकाऊ बनाने पर जोर दिया। यह प्रयास दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।