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Lockdown : कलेक्टर ने लगाई बड़ी टीम, फिर भी जरूरतमंदों से दूर राशन

जिला कलेक्टर जयपुर ने राशन सामग्री उपब्लध कराने के लिए 70 अधिकारी—कर्मचारी के आदेश किए थे जारी, बावजूद सुबह सीकर रोड कुकरखेड़ा अनाज मंडी के बाहर जमा सैकड़ों लोग

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Lockdown : कलेक्टर ने लगाई बड़ी टीम, फिर भी जरूरतमंदों से दूर राशन

कलेक्टर ने लगाई बड़ी टीम, जरूरतमंदों से दूर राशन

सुरेंद्र बगवाड़ा, जयपुर

राशन कार्डधारियों के अलावा अन्य जरूरतमंदों तक तैयार भोजन और सूखा राशन पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। जिला कलेक्टर जयपुर ( Jaipur Collector Jogaram ) ने भी शहर को 10 सेक्टर में बांटकर 70 से अधिक प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त कर दिए। इस बड़ी टीम में आरएएस अधिकारी ( RAS ) , पटवारी, नगर निगम कर्मचारी सहित कई नाम शामिल हुए। इसके बावजूद शहर में लोग राशन के लिए तरस रहे है।

मंगलवार को सीकर रोड स्थित कुकरखेड़ा अनाज मंडी ( kukar kheda mandi jaipur ) के बाहर सूखा राशन लेने के लिए सुबह से दोपहर तक सैकड़ों लोग एकत्रित रहे। लेकिन वितरण करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इससे परेशान होकर लोग प्रशासन के खिलाफ रोष करते हुए बीच सड़क पर बैठ गए।

डीएसओ टीम पहुंची, बताया निगम का मामला

इस मामले की सूचना पत्रिका रिपोर्टर ने जिला रसद अधिकारी जयपुर कनिष्ठ सैनी को दी। उन्होंने तुरंत अपनी टीम को मौके पर भेजा। इस टीम ने निरीक्षण कर बताया कि यहां से जयपुर नगर निगम की ओर से सूखा राशन वितरण होता है। इसके बाद पत्रिका रिपोर्टर ने जिला कलेक्टर के आदेश के तहत विद्याधर नगर सेक्टर में नियुक्त प्रभारी अमृता चौधरी से बात की। उन्होंने कहा कि राशन वितरण करने के लिए हमारा कोई विशेष पाइंट नहीं है। हम तो कॉलोनियों में वितरित कराते है। फिर भी मामला दिखा लेते है।

नाम लिखे, लेकिन राशन नहीं दे रहे

कुकरखेड़ा अनाज मंडी के बाहर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां और कॉलोनियों में हमारे नाम लिखे गए। राशन वितरण भी यहीं से करना बताया गया। इसी कारण लॉकडाउन के बावजूद सैकड़ों लोग एकत्रित हुए है। यहां पर वितरण नहीं होता तो एक साथ अलग—अलग स्थानों से लोग नहीं आते।

सुझाव: आमजन को बताए अधिकारियों के नाम—नंबर

बड़ी बात है कि जिला प्रशासन जयपुर ने राशनकार्डधारियों के अलावा अन्य जरूरतमंदों को तैयार भोजन और सूखा राशन उपलब्ध कराने के लिए 70 प्रशासनिक अधिकारी—कर्मचारियों के आदेश तो जारी कर दिए। लेकिन आमजन को जानकारी नहीं है। नाम और संपर्क नंबरों को प्रचारित किया जाए तो जनता को राहत मिल सकती है।