जयपुर। स्टूडेंट्स के सर्वांगीण विकास, तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए कोचिंग संस्थानों के संचालकों को उन्हें बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक माहौल मुहैया करवानी होगी साथ ही सरकार की ओर से जारी किए गए 20 बिन्दुओं की गाइडलाइन की पालना करनी होगी। जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित (District Collector Prakash Rajpurohit ) ने यह निर्देश शुक्रवार को जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी समिति (District Level Coaching Institute Monitoring Committee) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जारी किए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स एवं उनके अभिभावकों की समस्याओं के लिए ई.कम्प्लेंट पोर्टल विकसित कर शिकायतों का निस्तारण किया जाए। साथ ही हर कोचिंग में प्रतिस्पर्धा एवं शैक्षणिक दबाव के कारण उत्पन्न तनाव एवं अवसाद के निवारण के लिए मनोचिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित करने करने के लिए मनोवैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया जाए।
ईजी एक्जिट पॉलिसी बनाएं कोचिंग संस्थान
उनका कहना था कि कोचिंग स्टूडेंट्स के लिए सुविधा केन्द्र की स्थापना की जाए और तनाव से मुक्ति दिलवाने के लिए स्टूडेंट्स की दूसरे करियर विकल्प की भी जानकारी दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोचिंग संस्थान ईजी एक्जिट पॉलिसी बनाए साथ ही छात्रों और उनके अभिभावकों को फीस रिफण्ड के संबंध में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ही पूर्ण जानकारी मुहैया कराए। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष यादव, जयपुर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों के संचालक, पुलिस, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों स्टूडेंट्स के अभिभावक सहित गैर सरकारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।