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Diwali 2022: लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ समय, प्रदोष काल, वृष लग्न, कुंभ का नवांश कराएगा धनवर्षा

Diwali 2022: कार्तिक कृष्ण चतुर्दशीयुक्त अमावस्या पर आज दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। घर—घर दीपोत्सव का उल्लास नजर आ रहा है। घर से लेकर बाजार तक खुशियां बिखर रही है।

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Diwali 2022: लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ समय, प्रदोष काल, वृष लग्न, कुंभ का नवांश कराएगा धनवर्षा

Diwali 2022: लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ समय, प्रदोष काल, वृष लग्न, कुंभ का नवांश कराएगा धनवर्षा

Diwali 2022: जयपुर। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशीयुक्त अमावस्या पर आज दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। घर—घर दीपोत्सव का उल्लास नजर आ रहा है। घर से लेकर बाजार तक खुशियां बिखर रही है। शाम को घर—घर दीपदान होगा। प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय आज शाम 7.15 से 7.28 बजे तक रहेगा, इस दौरान प्रदोष काल के साथ स्थिर वृष लग्न रहेगा, वहीं कुंभ का स्थिर नवांश भी रहेगा। लक्ष्मीपूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या को स्थिरलग्न व स्थिरनवमांश में किया जाना शास्त्रोक्त है।

ज्योतिषाचार्य दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल विशेष समय रहता है। साथ ही वृष लग्न व सिंह लग्न में धन की देवी की आराधना व पूजन श्रेष्ठ रहता है। आज हस्त नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र के साथ वैधृति योग और विष्कुंभ योग भी है। हस्त नक्षत्र दोपहर 2.42 बजे तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा, जो अगले दिन दोपहर 2.17 बजे तक रहेगा। वहीं वैधृति योग दोपहर 2.32 बजे तक रहेगा, इसके बाद विष्कुंभ योग शुरू हो जाएगा। इस बार दिवाली का त्योहार सोमवार को आने से समृद्धिदायक है।

लक्ष्मी पूजन का समय
— सर्वश्रेष्ठ समय — शाम 7.15 से 7.28 बजे तक प्रदोष काल, स्थिर वृष लग्न, कुंभ का स्थिर नवांश
— प्रदोष काल — शाम 5.47 से 8.21 बजे तक
— वृष लग्न — शाम 7.03 से रात 9 बजे तक
— सिंह लग्न — मध्यरात्रि 1.33 से 3 .49 बजे तक पूजा का पूजा

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दिन में लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ समय
अमृत का चौघड़िया - सुबह 6.35 से 7.59 बजे तक
शुभ का चौघड़िया — सुबह 9.23 से 10.47 बजे तक
चर-लाभ-अमृत का चौघड़िया — दोपहर 1.35 बजे से शाम 5.47 बजे तक
अभिजित मुहूर्त्त — सुबह 11.48 बजे से दोपहर 12.33 बजे तक

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रात में लक्ष्मी पूजन का समय
चर का चौघड़िया — शाम 5.47 से शाम 7.23 बजे तक
लाभ का चौघड़िया — रात 10.35 से मध्यरात्रि 12.11 बजे तक
शुभ-अमृत-चर का चौघड़िया — मध्यरात्रि 1.47 बजे से अंतरात्रि 4.14 बजे तक