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क्रूर नियति: किशोर बेटे की फीवर से मौत, डाॅक्टर मां कोमा में, अब चली गई डाॅक्टर पिता की जान, दो मासूम बेटियां कर रही इंतजार

घटनाक्रम बेहद ही चौंकाने वाला है। डाॅक्टर की मौत के बाद अब पूरे दौसा जिले में शोक का माहौल है। यह पूरा घटनाक्रम जयपुर में घटित हुआ है। जयपुर की रामनगरिया थाना पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

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जयपुर , दौसा
इसे नियति का खेल कहें या कुछ और दौसा जिला अस्पताल के नामी हड्डी रोग विशेषज्ञ संतोष मीणा का खुशहाल परिवार उजड़ गया। देखते ही देखते परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई और परिवार की तीसरी सदस्य कोमा में हैं। उधर आठ महीने की मासूम बेटी और करीब दस साल की दूसरी बेटी को पता ही नहीं कि अब पिता भी कभी नहीं लौटेंगे। घटनाक्रम बेहद ही चौंकाने वाला है। डाॅक्टर की मौत के बाद अब पूरे दौसा जिले में शोक का माहौल है। यह पूरा घटनाक्रम जयपुर में घटित हुआ है। जयपुर की रामनगरिया थाना पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

शादी में जा रहे हैं तो जयपुर में सास, दो बहू और एक बेटे के साथ हुई घटना की खबर पढ़ लें और सतर्क हो जाए

दरअसल बीती रात जयपुर के रामनगरिया थाना इलाके में स्थित सात नंबर बस स्टैंड के नजदीक खड़ी एक कार में देर रात एक डाॅक्टर का शव मिला। उनकी पहचान संतोष मीणा के रुप में रामनगरिया पुलिस ने की। पता चला कि नजदीक ही स्थित बड़े निजी अस्पताल में उनकी पत्नी सीमा मीणा भर्ती हैं। सीमा भी दौसा जिला अस्पताल में ही डाॅक्टर हैं और अभी कोमा में हैं। आज डाॅक्टर के शव को जयपुर से दौसा भेजा गया है।

डाॅक्टर संतोष मीणा के बारे में दौसा जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि संतोष और उनकी पत्नी तनाव में थे काफी समय से। जिंदा दिल और हमेशा खुश रहने वाले डाॅक्टर दम्पत्ति के साथ पिछले कुछ महीनों मंे जो हुआ वह उन्हें लगातार तनाव देता रहा। साथी चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना जाने के बाद बेटा तेजी से रिकवर कर रहा था। लेकिन 14 नवम्बर 2021 को अचानक बेटे के बुखार हुआ। माता पिता दोनो डाॅक्टर रहे लेकिन फिर भी बेटा नहीं बच सका। 17 साल का बेटा हाथों में ही दम तोड़ गया। इकलौते बेटे की मौत के बाद कुछ महीनों पहले ही डाॅक्टर सीमा ने एक बेटी को जन्म दिया। वह करीब सात से आठ महीने की है। दुख यहीं खत्म नहीं हुए। कुछ दिन पहले सीमा अपने अपने पति संतोष के साथ वाॅक कर रही थीं इसी दौरान एक घोड़े ने सीमा मीणा को लात मार मार दी। उस दिन से वे कोमा में चल रही हैं। मासूम बेटी को छोड़कर मां अस्पताल में भर्ती हैंे। इन्हीं सब तनाव के चलते बीती रात संतोष मीणा की जान चली गई।

दौसा जिले के सरकारी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ थे संतोष मीणा, नाम संतोष था लेकिन चैन जीवन से कोसों दूर रहा। पिछले कुछ सालों में तो ये नौबत आ गई कि खुद डाॅक्टर और पत्नी भी डाॅक्टर होने के बाद भी वे तनाव से बाहर नहीं आ सके। आखिर देर रात उनकी सांसों ने उनका साथ छोड़ दिया। बीती रात जयपुर के रामनगरिया थाना इलाके में सात नंबर के बस स्टैंड के नजदीक अपनी कार के पास ही उनकी लाश मिली है। प्रांरभिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि दिल का दौरा पडने से संतोष मीणा की मौत हुई है।

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