23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसएमएस व अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजोंं में डॉक्टर्स ने किया कार्य बहिष्कार

जयपुर में सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स ने शनिवार को सामूहिक अवकाश लेकर कार्य बहिष्कार किया है।

less than 1 minute read
Google source verification
sms_medical_collage.jpg

जयपुर। जयपुर में सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स ने शनिवार को सामूहिक अवकाश लेकर कार्य बहिष्कार किया है। साथ ही प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी मेंबर्स ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध जताया है। टीचर्स एसोसिएशनों की जॉइंट एक्शन कमेटी की ओर से यह निर्णय लिया गया है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और आरयूएचएस समेत उससे अटैच दूसरे हॉस्पिटलों में मेडिकल सर्विस प्रभावित रही। सामूहिक अवकाश को देखते हुए सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में ओपीडी में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

विरोध कर रहे डॉक्टर्स ने मांग की है कि मेडिकल फैकल्टी के प्रमोशन एनएमसी के नॉर्म्स के मुताबिक लागू किए जाएं। परामर्श शुल्क सीनियर प्रोफेसर का 500 रुपए किया जाएं और हर साल 10 फीसदी की वृद्धि की जाएं। अकेडमिक, हाई रिस्क अलाउंस और मासिक टेलीफोन राशि जो 30 साल पहले तय की गई थी, उसे रिवाइज्ड किया जाएं। एनएमसी के निरीक्षण के लिए राजमेस के कॉलेजों में किए जाने वाले ट्रांसफर बंद किए जाएं। सीनियर प्रोफेसर के बाद एक नया पद हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (ग्रेड-पे 12500) रुपए सृजित किया जाएं।

एसएमएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ अचल शर्मा ने बताया कि आज ओपीडी में असिस्टेंट, एसोसिएट और प्रोफेसरों के नहीं होने पर हमने सीनियर रेजीडेंट्स और मेडिकल ऑफिसरों को नियुक्त किया। ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि डॉक्टर्स ने इमरजेंसी सर्विस को इस आंदोलन से बाहर रखा है यानी इमरजेंसी केस में इन सीनियर प्रोफेसरों ने अपनी सेवाएं जारी रखी है। हालांकि रुटिन के बड़े ऑपरेशन जो होने थे, उनको सीनियर डॉक्टर्स के नहीं होने के कारण टाल दिया। इमरजेंसी केस में होने वाले ऑपरेशन किए जा रहे हैं।