जयपुर। पिछले महीने प्रदेश में सेवारत डॉक्टरों की हडताल के दौरान 30 मरीजों की जान जाने के 25 दिन बाद ही सेवारत डॉक्टर और सरकार एक बार फिर आमने सामने हो गए हैं। जिससे प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में रोजाना आने वाले लाखों मरीजों की जान पर संकट खड़ा हो गया है। इस बार आंदोलन का कारण सरकार की ओर से पिछले दिनों सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य डॉक्टरों के तबादले और हाल ही में चिकित्सा मंत्री की ओर से डॉक्टरों को चींटी बताए जाने वाला बयान है। शुक्रवार को प्रदेश भर के जिला, उप जिला, सेटेलाइट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सेवारत डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश लिया। जिसके कारण मरीज परेशान होते रहे।