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देवर के प्यार में पत्नी ने रचा खौफनाक षड्यंत्र, सुपारी देकर कराई पति की हत्या, बिहार से गिरफ्तार

Crime News: जब आशानंद को इस प्रेम प्रसंग का पता चला, तो घर में कलह शुरू हो गई। पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी और प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
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जयपुर

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Jayant Sharma

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Updated: 25 Dec 2025, 8:51 AM IST

Dausa Murder News Pic

Dausa Crime News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मिली एक अज्ञात लाश की गुत्थी को सुलझाते हुए दौसा पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह हत्या किसी बाहरी रंजिश का नहीं, बल्कि घर के भीतर पल रहे अवैध संबंधों का नतीजा थी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी शिल्पी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका प्रेमी जो रिश्ते में देवर है और शूटर पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

मजदूरी करने जयपुर आया था मृतक

बिहार के भोजपुर निवासी आशानंद पांडे साल 2023 में रोजी-रोटी की तलाश में जयपुर आया था और विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरी करता था। इसी बीच उसकी पत्नी शिल्पी के संबंध उसके रिश्ते के देवर धर्मेंद्र शर्मा से हो गए, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट में काम करता था। जब आशानंद को इस प्रेम प्रसंग का पता चला, तो घर में कलह शुरू हो गई। पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी और प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

शूटर के साथ मिलकर खाई मिठाई, फिर उतारा मौत के घाट

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हत्या से पहले पूरी प्लानिंग की थी। करीब दस महीने पहले हुए इस हत्याकांड के लिए धर्मेंद्र ने ही यूपी के ाटर रामसुंदर उर्फ बिट्टू को बुलाया था और उसे महज बीस हजार में अपने बड़े भाई समान आशानंद पांडे को मारने की सुपारी दी थी। इस मर्डर प्लानिंग में आशानंद की पत्नी ही मास्टरमाइंड थी। धर्मेन्द्र और रामसुंदर की पहचान पहले से ही थी। इसी बात का फायदा उठाकर रामसुंदर को धर्मेन्द्र ने काम दिया था।

जयपुर में हुई थी मुलाकात, उसके बाद बातचीत की थी…. पत्नी रख रही थी नजर

जानकारी में सामने आया कि नौ फरवरी को धमेन्द्र और रामसुंदर ने जयपुर में आशानंद से मुलाकात की थी। इस बीच तीनों ने वीकेआई एरिया में ही एक मिठाई की दुकान में मिठाई खाई थी। उसके बाद मौका पाते ही धर्मेन्द्र ने आशानंद को गोली से मरवा दिया। रामसुंदर ने आशानंद के गले में गोली मारी और शव को गाड़ी में अपने साथ ले गए। उसके बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शव को ठिकाने लगा दिया। गाड़ी में आशानंद की पत्नी भी थी। पुलिस ने बताया कि आशानंद को चलती गाड़ी में बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। गोली गले से आरपार हो गई थी।

सीसीटीवी और कॉल डिटेल ने खोला राज

कोलवा थाना प्रभारी रामशरण गुर्जर के अनुसार एक्सप्रेसवे पर मिले शव की जांच के दौरान पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक यूपी नंबर की संदिग्ध कार दिखाई दी। फुटेज में कार की अगली सीट पर धर्मेंद्र और आशानंद साथ बैठे नजर आए। पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए सबसे पहले गाजियाबाद से धर्मेंद्र को पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि धर्मेंद्र ने आजमगढ़ के शूटर बिट्टू को महज 20 हजार रुपए में हत्या का ठेका दिया था।

बिहार से गिरफ्तार हुई साजिशकर्ता पत्नी

मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 23 दिसंबर को आरोपी पत्नी शिल्पी को उसके ससुराल पनपुरा, बिहार से दबोच लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार और शूटर से अवैध हथियार भी बरामद कर लिया है।