
राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से इस वर्ष राज्य के आठ वरिष्ठ कलाकारों को अकादमी के सर्वोच्च सम्मान कलाविद् से सम्मानित किया जाएगा। राजस्थान ललित कला अकादमी में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य और नागरिक आपूर्ति म़ंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विशिष्ट अतिथि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास रहे जबकि अध्यक्षता लक्ष्मण व्यास ने की।

इस बार यह सम्मान डॉ. शैल चोयल, प्रो. सीएस मेहता, प्रो. भवानी शंकर शर्मा, प्रो. शब्बीर हसन काजी, दीपिका हाजरा, डॉ. रीटा प्रताप और सुब्रतो मंडल और महावीर स्वामी को दिया गया।

अकादमी के कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर सेन और उपाध्यक्ष डॉ. मूलाराम गहलोत बताया कि अकादमी की ओर से इन कलाकारों को 50 हजार रुपए, प्रशस्ति पत्र दिया गया साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया गया।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि आज के सिनेरियो में कलाकारों को आगे आने की जरूरत है।

वहीं अपनी विवि की छात्र राजनीति का जिक्र करते हुए उनका कहना था कि जो मजा यूनिवर्सिटी का था वह आज नहीं है। वहां की लाइफ कहीं अधिक अच्छी थी।

आज वोट को लेकर झगड़े होते हैं, जिसे रोकने के लिए कलाकारों को ही आगे आना होगा।

मेरा मानना है कि हर मैदान में जीत उसी की होती है, जो अंत तक तलवार नहीं छोड़ता।

इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि जो सपने आप पूरे नहीं कर सकते, उसके लिए आप अपने बच्चों पर दबाब डालकर उन्हें पूरा करवाने की कोशिश ना करें।