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चुनाव डयूटी लगने पर सचिवालय में कर्मचारियों ने दिया था धरना,,,इस कानून में हो सकती है इनके खिलाफ कठोर कार्रवाही

सचिवालय कर्मचारी नहीं करना चाहते चुनाव डयूटी

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election duty 2019

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जयपुर।
पंचायत चुनाव में डयूटी लगाने से खफा सचिवालय कर्मचारी सचिवालय में धरने पर बैठ गए। मामला मुख्य सचिव निरंजन आर्य तक पहुंचा तो उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी की चुनाव डयूटी नहीं लगेगी। इसके बाद सचिवालय कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त किया।

राजस्थान में जयपुर समेत 6 जिलों में पंचायत चुनाव होने हैं। चुनाव की तैयारियों से लेकर मतगणना तक हजारों कर्मचारियों की जरूरत निर्वाचन विभाग को है। इसके लिए आयोग ने सभी विभागों से कर्मचारियों को चुनाव डयूटी में बुलाया है।
पंचायत व पंचायत समिति चुनाव के लिए भी कलक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी है। जयपुर कलक्टर ने पंचायत चुनाव के लिए सचिवालय के कर्मचारियों की डयूटी लगाई तो उनके इस आदेश का विरोध शुरू हो गया और ये कर्मचारी सचिवालय में धरने पर बैठ गए।
जानकारों का कहना है कि चुनाव डयूटी में जाना सरकार के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए अनिवार्य है। अधिकारी हो या कर्मचारी दोनों ही डयूटी पर जाने से न इंकार कर सकते हैं और न ही उसे निरस्त कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को सिाफारिश कर सकते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो आयेाग लोक जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत चुनाव डयूटी नहीं करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के लिखाफ कठोर कार्रवाही कर सकता है और उनकी मुश्किलें बढ सकती हैं।