17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नियमित स्वास्थ्य जांच से काबू पाएं ह्रदय रोगों पर – डॉ. त्रेहान

जयपुर . Heart Surgeon पद्म भूषण तथा Medanta Medicity के चेयरमैन Dr. Naresh Trehan ने कहा कि व्यक्ति स्वयं के वजन, आयु व वंशानुगत संकेतों के आधार पर सुरक्षात्मक प्रयास कर Heart Diseases की संभावनाओं को कम कर सकता है। अब समय आ गया है कि ह्रदय रोग विशेषज्ञ एवं हार्ट सर्जन को एक साथ बैठकर रोगी की स्थिति का आंकलन, समझाइश व उपचार करें।

2 min read
Google source verification
Dr. Naresh Trehan

Dr. Naresh Trehan

जयपुर . हार्ट सर्जन ( Heart surgeon ) पद्म भूषण तथा मेदांता मेडिसिटी ( Medanta Medicity ) के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान ( Dr. Naresh Trehan ) ने कहा कि व्यक्ति स्वयं के वजन, आयु व वंशानुगत संकेतों के आधार पर सुरक्षात्मक प्रयास कर ह्रदय रोगों ( heart diseases ) की संभावनाओं को कम कर सकता है। अब समय आ गया है कि ह्रदय रोग विशेषज्ञ एवं हार्ट सर्जन को एक साथ बैठकर रोगी की स्थिति का आंकलन, समझाइश व उपचार करें। सुरक्षात्मक रूप से तीस साल से अधिक आयु के लोग शुगर, कोलेस्ट्रोल की जांच कराएं तथा नियमित रूप से व्यायाम व प्राणायाम करें।


डॉ. त्रेहान शनिवार को सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एण्ड टैक्नोलोजी में शनिवार को वैज्ञानिक कार्यक्रम डॉ.आर.पी.सोनावाला ओरेशन-2019 में बोल रहे थे। 'कार्डियोलोजी व कार्डियक सर्जरी की सीमाएं' विषय पर उन्होंने कहा कि आजकल चिकित्सक व रोगी के बीच में विश्वास की कमी आई है। इसे पूरा करने के लिए चिकित्सक रोगियो से संजीदगी से व्यवहार करें। डॉ. त्रेहान ने कहा कि आजकल रोबोटिक सर्जरी की जा रही है इसमें रोगी का ऑपरेशन महज चार छोटे छिद्र की मदद से किया जाता है। इसमें थ्री डी तकनीक का प्रयोग किया जाता है। पेसमेकर भी लीड लैस लगाए जा रहे हैं। जटिल केसेज मे ह्रदय रोग विशेषज्ञ तथा हार्ट सर्जन मिलकर उपचार कर रहे हैं।


महात्मा गाधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चेयरपर्सन डॉ.एम.एल.स्वर्णकार ने स्वागत भाषण में कहा कि चिकित्सक नैतिकता की राह पर चलकर रोगी का उपचार अपने परिजन की तरह करें। उन्होंने कहा कि हमें रोगियों व परिजनों की भावनाओं को समझना होगा तथा अपने व्यवहार को संयमित करना चाहिए।


यूनिवर्सिटी चांसलर डॉ. विकास स्वर्णकार ने अस्पताल में संचालित सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। व्याख्यान में स्वागत भाषण डीन डॉ.जी.एन.सक्सेना ने दिया तथा धन्यवाद प्रो डॉ. सुधीर सचदेवा ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में ह्रदय शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. बलराम एरन, डॉ. करणसिंह यादव, डॉ. मधोक, डॉ.आर.के.शर्मा, डॉ. बुद्धादित्य चक्रबर्ती, डॉ. रामानन्द सिन्हा, डॉ. दीपेश अग्रवाल, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. गौरव सिंघल, डॉ. गौरव गोयल, डॉ. अजय मीना, विवेक रावत, सहित बड़ी संख्या में चिकित्सकों तथा मेडिकल विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग