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फिर निभाई जाएगी जयपुर की पारंपरिक लोकनाट्य तमाशा परंपरा

वीणा पाणी कला मंदिर की ओर से 17 मार्च को दोपहर एक बजे जयपुर के परंपरागत लोकनाट्य तमाशा 'रांझा हीर' का मंचन ब्रम्हपुरी के छोटा अखाड़ा में किया जाएगा।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Mar 14, 2022

फिर निभाई जाएगी जयपुर की पारंपरिक लोकनाट्य तमाशा परंपरा
17मार्च को होगा परंपरागत लोकनाट्य तमाशा 'रांझा हीर' का मंचन
ब्रम्हपुरी के छोटा अखाड़ा में होगा मंचन
वीणा पाणी कला मंदिर की ओर से होगा आयोजन
जयपुर।
वीणा पाणी कला मंदिर की ओर से 17 मार्च को दोपहर एक बजे जयपुर के परंपरागत लोकनाट्य तमाशा 'रांझा हीर' का मंचन ब्रम्हपुरी के छोटा अखाड़ा में किया जाएगा। वर्षों से होली के अवसर पर जनमानस का मनोरंजन कर रहे भट्ट परिवार की आन बान शान और जयपुर की पहचान बन चुके इस तमाशे का निर्देशन प्रसिद्ध तमाशा गुरु वासुदेव भट्ट करेंगे। राँझा की भूमिका में तपन भट्ट और हीर की भूमिका में विनत भट्ट होंगे, चितरंगा की भूमिका में विशाल भट्ट होंगे। सौरभ भट्ट, कपिल शर्मा और अभिनय भट्ट भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा करेंगे। तमाशा निर्देशक वासुदेव भट्ट ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना गाइड लाइंस के चलते इस परम्परागत तमाशा का मंचन घरेलू स्तर पर ही किया गया था लेकिन इस बार इसे पुन: अपने मूल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा ।
इश्वारोंमुख प्रेम को दर्शाने वाले तमाशा राँझा हीर में कथा को आधुनिक संदर्भो से जोड़ते हुए वर्तमान राजनीतिक घटनाओं जैसे यूपी पंजाब चुनाव रूस और यूक्रेन युद्ध और वर्तमान मुद्दों जैसे बढ़ती महंगाई और पैट्रोल, शहर की बदहाल सड़क,आम आदमी के हालात आदि पर भी कटाक्ष किया जाएगा। जयपुर के पूर्व महाराजा प्रताप सिंह के काल में प्रारंभ हुई तमाशा शैली के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट द्वारा लिखित 52 तमाशों में तमाशा रांझा हीर प्रमुख स्थान रखता है। खुले मंच पर चारों तरफ बिराजे दर्शकों के बीच होने वाला तमाशा बरसों से रसिकजनों को रिझाने और आकर्षित करने में सफल रहा है।