बैंगलूरु. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ (DRDO) की ओर से विकसित किया जा रहा मानव रहित विमान अनमैन्ड एरियल व्हीकल यूएवी (UAV) रुस्तम-2 (Rustom-2) मंगलवार सुबह नियमित ट्रायल के दौरान चित्रदुर्गा (Chitradurga) में क्रैश हो गया। हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। रुस्तम-2 चित्रदुर्गा के करीब जोडी चिकनहल्ली के पास खेत में क्रैश हुआ। हादसा सुबह 6 बजे का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
ट्रायल के दौरान गिरा
चित्रदुर्गा के चल्लकेर डीआरडीओ का टेस्ट रेंज है। इस एयरोनोटिकल टेस्ट रेंज में रुस्तम-2 का ट्रायल चल रहा था। चित्रदुर्गा के एसपी ने इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह रुस्तम-2 यूएवी विमान है। हवाई ट्रायल के दौरान एक खुले क्षेत्र में क्रैश हुआ। रुस्तम-2 के खेत में क्रैश होने की खबर फैलते ही आसपास के लोग जमा हो गए। घटनास्थल को चारों तरफ से सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है।
1500 करोड़ का प्रोजक्ट
रुस्तम-02 का विकास डीआरडीओ यूएस ड्रोन (drone ) प्रिडेटर के तर्ज पर कर रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह लगभग 1500 करोड़ की परियोजना है।
खास-खास
-रुस्तम-2 का पिछला साल किया था कामयाब परीक्षण।
-यह हैवी ड्रोन के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
-सेना की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है।
-माना जा रहा है कि इस यूएवी का इस्तेमाल दुश्मन की तलाश करने, निगरानी रखने, टारगेट पर सटीक निशाना लगाने और सिग्नल इंटेलिजेंस के लिए किया जाएगा।
-यूएस आर्मी इस तरह के ड्रोन का इस्तेमाल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में करती है।
-पहली बार फरवरी 2018 में उड़ान भरी थी रुस्तम-2 ने।
-यह निगरानी के साथ-साथ हमला करने में भी सक्षम है।
इसलिए है रुस्तम
1.8 टन है इस यूएवी का भार।
21 मीटर लंबे हैं रुस्तम-2 के पंख।
225 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है।
350 किलो हथियारों के साथ 24 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम।
26 हजार से 35 हजार फीट तक ऊंचाई पर उड़ सकता।
एक बार में 1000 किमी की हवाई यात्रा करने में सक्षम।
बिना आवाज किए आकाश में दुश्मन की निगरानी कर सकता।