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गांवों में पेयजल संकट लेकिन 2 लाख से ज्यादा हैंडपंप खराब

प्रमुख सचिव के आदेशों का भी नहीं हो रहा जलदाय अधिकारियों पर असर

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जयपुर।
प्रदेश में पारा 40 से उपर पहुंच गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण पेयजल संकट भी शुरू हो गया है। लेकिन जलदाय विभाग के इस पेयजल संकट को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी दो लाख से ज्यादा हैंडपप खराब हैं।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति तो तब है जब विभाग के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठक में हैंडपंप मरम्मत अभियान की कछुआ चाल को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश महज 20 हजार हैंडपंपों की मरम्मत हो सकी है। जबकि विभाग के अधिकारियों को इस अभियान के दौरान पचास फीसदी से ज्यादा हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य पूरा करना था। शहरी क्षेत्रों में भी महज 2 हजार हैंडपंप की मरम्मत की जा सकी है। इधर विभाग ने तीन हजार से ज्यादा हैंडपंप, दो हजार टयूबवैल,235 सिंगल फेज बोरवैल की स्वीकृति जारी की है।