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शनिवार को नदी में नहाने उतरा था शिक्षक, 12 किलोमीटर दूर आज मिला शव

गौरतलब है कि इस बार प्रदेश में हुई भारी बारिश के दौरान दो महीने के दौरान ही सौ से भी ज्यादा लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। एसडीआरएफ और लोकल पुलिस ने भी कई लोगों की जान बचाई है। प्रदेश में ये हादसे तालाबों में और नदियों में डूबने के हैं।

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Teacher  dies due to drowning in river

Youth dies due to drowning in river

जयपुर
बारिश का तीसरा दौर लगभग पूरी तरह से थम चुका है, लेकिन उसके बाद भी बारिश जनित हादसे कम नहीं हो रहे हैं। एक और मामला बूंदी जिले से सामने आया है। पानी में बहे एक शिक्षक के शव को 36 घंटे से लगातार तलाशा जा रहा था, शव नहीं मिला। आज सवेरे नदी की सतह पर शव आया तक जाकर शव को बाहर निकाला गया। घटना बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र की है।

जांच कर रही पुलिस ने बताया कि शनिवार को कोटा बूढातीत, बूदी निवासी शिक्षक गिरजा शंकर अपने परिवार के साथ कांकरा मेज नदी के नजदीक आया था। परिवार के साथ वह नदी के मुहाने पर उतरा था। अचानक पानी का वेग आने से वह बह गया था। शनिवार से शिक्षक को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तलाश रही थी। आज सवेरे हादसा स्थल से बाहर किलोमीटर दूर शिक्षक का शव बरामद हुआ है।

झाड़ियों में अटके शव को पुलिस ने बाहर निकाला है। परिजनों को इसकी सूचना दी गई है। गौरतलब है कि इस बार प्रदेश में हुई भारी बारिश के दौरान दो महीने के दौरान ही सौ से भी ज्यादा लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। एसडीआरएफ और लोकल पुलिस ने भी कई लोगों की जान बचाई है। प्रदेश में ये हादसे तालाबों में और नदियों में डूबने के हैं।

गौरतलब है कि इस बार प्रदेश में हुई भारी बारिश के दौरान दो महीने के दौरान ही सौ से भी ज्यादा लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। एसडीआरएफ और लोकल पुलिस ने भी कई लोगों की जान बचाई है। प्रदेश में ये हादसे तालाबों में और नदियों में डूबने के हैं।