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शहर में वाहन चोरियो का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गामा,पीटर, ब्रेवो और टाइगर की गश्त के बाद भी पुलिस के हौसले बुलन्द हैं। वाहन चोर चोरियां करने में इतने माहिर है कि पलक झपकते ही वह वाहन उड़ा लेते हैं। शहर में अलग अलग जगहों पर वाहन चोरों का गिरोह सक्रिय हैं। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि उनका गिरोह नई गाडि़यों को ही चुराता हैं। इसके पीछे का तर्क यही है कि नई गाड़ियों की कीमत ज्यादा मिलती है, जबिक पुरानी गाड़ियों का उतना पैसा नही मिलता हैं।
नए वाहन भी कौड़ियों के दाम
पुलिस ने बताया कि बदमाश वाहन चुराने के बाद आस-पास पार्किंग में खड़ी कर देते है, ताकि पुलिस की नाकाबंदी से बचा जा सके। दो तीन दिन हो जाने के बाद वह वाहन को आसानी से बाहर निकालने में सफल हो जाते है और उन्हें कौडि़यों के दाम में बेच देते हैं। हाल ही में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वह वाहनों को चुराने के बाद उन्हें सस्ती दरों पर बेचने के बजाय कबाड़ी को बेच देते है। कबाड़ी को बेचने से एक तो चोरी के वाहन को कभी पकड़ा नहीं जा सकता है। वही कबाड़ी उसे काट पीटकर स्क्रेप में और उसके पार्ट्स बेच देते हैं।
चोरियों के वाहनों से स्मैगलिंग
राजस्थान में कई मामले ऐसे आए है जिनमें वाहन चुराने वाले बदमाशों ने चोरी के वाहनों से स्मैगलिंग का काम भी किया। पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने सात महीने पहले गिरोह पकड़ा था। पकड़े गए आरोपी नशीली दवाओं व मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। वे जयपुर शहर में से वाहनों की चोरी करते है। उन्हीं चोरी के वाहनों से अलग-अलग जगहों पर नशीली दवाओं व मादक पदार्थों की तस्करी करते थे।
पुलिस ने चोरी के वाहनों से तस्करी करने के मामले में वाहन चोर राहुल जांगिड मुंकदपुरा भांकरोटा,कुंदन सिंह निवासी नरैना, अजय सिंह पीपलखेडा महुआ दौसा, आफताब कुरैशी निवासी हटवाड़ा खातीपुरा रोड, और राहुल सेन नाइयों ढाणी,भांकरोटा को गिरफ्तार किया था।
Published on:
28 Dec 2021 10:13 pm
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